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10 लाख में दी सुपारी, दोस्त से बना दुश्मन; कौन है शेरू… जिसने चंदन मिश्रा का दिनदहाड़े करवाया मर्डर?

chandan mishra murder

बिहार डेस्क: बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में हुई गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। 36 साल का चंदन पैरोल पर बाहर था। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कुछ आरोपियों को पश्चिम बंगाल से अरेस्ट किया है। मुख्य शूटर तौसीफ बादशाह के अलावा चारों शूटरों के पहचान हो चुकी है। पुलिस के अनुसार वारदात का मास्टरमाइंड ओंकारनाथ उर्फ शेरू सिंह है, जो चंदन के बचपन का दोस्त था।

बता रहे हैं कि मर्डर के मामले में वह बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद है। सूत्रों के मुताबिक शेरू को शक था कि चंदन उसके साथियों की मुखबिरी कर रहा है। हाल के दिनों में पुलिस एनकाउंटर में उसके कई साथी मारे गए थे। शुरुआत में दोनों एक ही गैंग में काम करते थे। बाद में दोनों अलग-अलग हो गए, इसके बाद दोनों में दुश्मनी चरम पर पहुंच गई। सूत्रों के मुताबिक तौसीफ को चंदन की हत्या के बदले शेरू ने 10 लाख की सुपारी दी थी।

बेऊर जेल में हुई मुलाकात

बेऊर जेल में उसकी तौसीफ से मुलाकात हुई थी। कुछ माह पहले ही तौसीफ जेल से बाहर आया था। बताते हैं कि चंदन और शेरू को बचपन में क्रिकेट खेलने का शौक था। इसी दौरान दोनों दोस्त बने थे। शेरू बक्सर जिले के सिमरी गांव का निवासी है। वहीं, चंदन सोनबरसा गांव का रहने वाला था, जो सिमरी के बगल में है। समय के साथ दोनों गहरे दोस्त बन गए। 2009 में खेल के दौरान इन लोगों का झगड़ा अनिल सिंह नाम के शख्स से हो गया था। अनिल का मर्डर हो गया था, जिसमें दोनों का नाम आया था। दोनों को बाल सुधार गृह भेजा गया था, लेकिन दोनों जल्दी बाहर आ गए थे।

कोर्ट से फरार हो गया था चंदन

चंदन के जुर्म की दास्तान काफी लंबी है। एक बार चंदन कोर्ट में पुलिसकर्मी की उसी की राइफल छीनकर हत्या कर फरार हो गया था। उस समय उसे सजा सुनाई जानी थी। बाद में आरा से उसकी गिरफ्तारी हुई थी। बताया जा रहा है कि चंदन मिश्रा को बवासीर की शिकायत थी। इसके इलाज के लिए ही वह पारस अस्पताल में भर्ती हुआ था। आरा में 25 करोड़ की डकैती हुई थी। मामले में शेरू गैंग का हाथ सामने आया था।

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