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पानीपत में ACB का बड़ा एक्शन, ₹20 हजार रिश्वत लेते पटवारी और निजी व्यक्ति गिरफ्तार

पानीपत: पानीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) की पानीपत यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए एक हलका पटवारी और एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष, हलका पटवारी, बाबरपुर, तहसील बापौली, जिला पानीपत और उस्मान, निजी व्यक्ति, निवासी अधमी, जिला पानीपत के रूप में हुई है। इस मामले में थाना SV&ACB, करनाल में FIR नंबर 22, दिनांक 25 अगस्त 2026 दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

100 वर्ग गज जमीन के इंतकाल के लिए मांगी थी रिश्वत

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके रिश्तेदार की गांव गंजबार, जिला पानीपत में करीब 100 वर्ग गज कृषि भूम है। इस जमीन का इंतकाल यानी म्यूटेशन दर्ज कराने के बदले पटवारी सुभाष ने कथित तौर पर ₹35,000 की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने जब इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹20,000 तय हुई। शिकायत मिलने के बाद SV&ACB की टीम ने मामले की पुष्टि की और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

टोल प्लाजा के पास पकड़े गए आरोपी

विजिलेंस टीम ने तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ भेजा। इसके बाद पटवारी सुभाष और निजी व्यक्ति उस्मान को HSVP सेक्टर-18, पानीपत कार्यालय के पास टोल प्लाजा के नजदीक ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रैप की कार्रवाई के दौरान मौके पर एक राजपत्रित अधिकारी और शैडो विटनेस भी मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई SV&ACB की पानीपत यूनिट के नेतृत्व में की गई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश

एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम करवाने के बदले रिश्वत मांगने या लेने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। विजिलेंस विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी शिकायत संबंधित एंटी करप्शन एजेंसी से की जाए।

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