उत्तर प्रदेश डेस्क : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई हिंसा के मामले में पुलिस तेजी से एक्शन ले रही है। करछना इलाके के इसौटा गांव में हुई हिंसा के मामले में अब तक 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी तक 54 लोगों को नामजद किया गया है, 550 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हंगामा करने वाले 50 लोगों की पहचान भी पुलिस की ओर से की गई है।
इन लोगों में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। 13 अप्रैल को अनुसूचित जाति से जुड़े देवीशंकर नाम के शख्स की हत्या कर दी गई थी। भीम आर्मी चीफ और सांसद चंद्रशेखर आजाद को मृतक के परिजनों से भेंट करने जाना था। पुलिस ने उनको रोक लिया और कानून व्यवस्था का हवाला देकर प्रयागराज सर्किट हाउस में बंद कर दिया था।
इसके विरोध में समर्थक भड़क गए थे और हिंसा की। कई गाड़ियों को तोड़ दिया गया था, बाइक जला दी गई थीं और जमकर पथराव किया गया था। बवाल के बाद इलाके में शांति के लिए पुलिस को कड़े प्रयास करने पड़े थे। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने साफ कहा है कि उपद्रव करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।
पुलिस की पूरे मामले पर नजर है और किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। प्रयागराज पुलिस स्थिति को अपने नियंत्रण में ले चुकी है। वहीं, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने खुद को हिंसा करने वालों से किनारा कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात उठाती है। वे और उनके समर्थक सर्किट हाउस में शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे।
हिंसा के बाद इसौटा गांव और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है, ताकि कोई माहौल को न बिगाड़ सके। हिंसा के बाद पुलिस को कई ऐसी बाइक मिली हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन अवैध पाया गया है। पुलिस मानकर चल रही है कि ये वाहन हिंसा फैलाने वालों के हैं। पुलिस ने मामले में एनएसए, दंगा निरोधक अधिनियम आदि धाराएं लगाई हैं।
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