
जगराओं NRI : लुधियाना देहाती पुलिस ने शहर में सक्रिय एक बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। यह गिरोह कनाडा निवासी 65 वर्षीय एनआरआई बलौरा सिंह को शादी और जमीन दिलाने के नाम पर 6 करोड़ से ज्यादा रुपए की ठगी कर चुका है। पुलिस ने एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के नेतृत्व में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जल्द ही इस मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आया कि रायकोट के गांव गोंदवाल निवासी बलौरा सिंह पत्नी से तलाक के बाद दूसरी शादी के लिए पिछले साल भारत आए थे। अप्रैल 2025 में उनके जीजा जसवीर सिंह ने उन्हें जगराओं के कारपेंटर सरबा से मिलवाया। सरबा ने खुद को मैरिज ब्रोकर बताते हुए बलौरा की मुलाकात बंटी नामक व्यक्ति से करवाई। इसके बाद बंटी ने बलौरा को एडवोकेट एच.एस. बराड़ से मिलवाया।
बराड़ ने अपनी बहन बताकर इंद्रजीत कौर से मुलाकात करवाई और शादी का झांसा दिया। दोनों की मंगनी नानकसर के पास एक ढाबे पर करवाई गई, जहां एडवोकेट एच.एस. बराड़ ने एनआरआई से 15 हजार अमेरिकी डॉलर ले लिए। इसके बाद बराड़ और इंद्रजीत कौर ने फोन पर बातचीत के जरिए बलौरा को विश्वास में लेकर उससे लाखों रु पये ऐंठ लिए। बराड़ ने सिधवां बेट रोड पर एक मकान दिलाने के नाम पर बलौरा से 10 लाख रुपये लिए और उसे घर का फर्नीचर व अन्य सामान खरीदने के लिए भी गुमराह किया। सबसे बड़ी ठगी तब हुई जब आरोप्3िायों ने बलौरा की रायकोट स्थित दो एकड़ जमीन 3.14 करोड़ रुपए में बिकवा कर उसके बदले अजीतवाल में 12 एकड़ जमीन दिलाने का वादा किया।
आरोपियों ने इस सौदे के नाम पर बलौरा से कुल 5.70 करोड़ रुपये हड़प लिए। जांच में यह भी सामने आया कि खुद को एडवोकेट एच.एस. बराड़ बताने वाला शख्स असल में रणजीत सिंह उर्फ राणा पुत्र सुरजीत सिंह निवासी गांव शेखदौलत है। पुलिस ने इस मामले में रणजीत सिंह राणा, उसकी बहन इंद्रजीत कौर, सरबा मिस्त्री, बंटी निवासी जगराओं, मलकीत सिंह निवासी माजरी, करनैल सिंह और तेजिंदर सिंह निवासी लीहा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। उक्त सात आरोपियों में से पुलिस ने पांच को गिरफ्तार कर लिया है जिन्हें कोर्ट में पेश करके उनका रिमांड लिया गया है।