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पंचायत ने डायन माना, 250 लोगों ने 5 को जलाया जिंदा; बिहार में बर्बरता मामले में क्या-क्या खुलासे?

Bihar Crime News

बिहार डेस्क: बिहार के पूर्णिया जिले में जो मामला सामने आया है, उसे जानने के बाद आप अपना सिर पकड़ लेंगे। यहां डायन होने के शक में 5 लोगों को जिंदा जला दिया गया। शर्मसार किए जाने वाली यह वारदात 6 जुलाई की रात की बताई जा रही है, जब मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के अधीन आते गांव टेटगमा में ग्रामीणों ने खूनी खेल खेला।

मृतकों की पहचान बाबूलाल उरांव (50), उसकी पत्नी सीता देवी (45), मां कातो देवी (70), बेटे मनजीत उरांव (25) और बहू रानी देवी (22) के तौर पर हुई है। मृतकों को भीड़ ने पीट-पीट कर जिंदा जला दिया।

सभी लोग आदिवासी थे

इस हत्याकांड ने बिहार ही नहीं, पूरे देश को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि लोगों को पहले बांस की छड्डियों से जमकर पीटा गया, इसके बाद आग लगा दी गई। मारे गए सभी लोग आदिवासी बताए जा रहे हैं। पूर्णिया के डीएम और एसपी की मौजूदगी में सभी शवों को पोस्टमार्टम करवाया गया है।

23 लोगों को नामजद किया गया

इसके बाद आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ सबका अंतिम संस्कार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने अंधविश्वास के चलते जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है। मामले में 200 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, 23 लोगों को नामजद किया गया है।

3 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने 1 नाबालिग समेत 3 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। बाकी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। पुलिस के मुताबिक बाबूलाल के 16 साल के बेटे सोनू की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

परिवार को हरसंभव मदद

उसे पुलिस सिक्योरिटी में रखा गया है। सरकार ने पीड़ित परिवार को मकान, खाना और मुआवजा देने का आदेश दिया है। डीएम ने बताया कि आधुनिक समाज में इस तरह की वारदात सोचने के लिए मजबूर करती है। लोगों को शिक्षा और चिकित्सा के ऊपर ध्यान देना चाहिए।

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