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6 माह से फरार, 50 हजार का इनामी; कौन था शाहरुख पठान… जिसे UP एसटीएफ ने एनकाउंटर में किया ढेर?

Shahrukh Pathan

उत्तर प्रदेश डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। छपार थाना क्षेत्र के बिजोपुरा चौराहे के पास रविवार रात एसटीएफ मेरठ और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई थी। इस दौरान 50 हजार का इनामी शाहरुख पठान मारा गया, जो संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर बताया जा रहा है। पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी, लेकिन वह अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एसटीएफ को शाहरुख की लोकेशन मिली थी। पुलिस ने जब उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे भी गोली लग गई। आरोपी मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खालापार का रहने वाला था। उसके पिता का नाम जरीफ था। पुलिस को आरोपी से एक ब्रेजा कार, दो रिवॉल्वर, एक पिस्टल, 3 खोखे और भारी संख्या में कारतूस मिले हैं। आरोपी के खिलाफ लूट और मर्डर के 12 मुकदमे दर्ज थे। उसके खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।

पुलिस कस्टडी में किया था मर्डर

आरोपी करीब 6 महीने पहले जमानत पर आया था। बाद में उसने हत्या के मामलों में गवाही देने वाले लोगों को धमकी दी थी। इसको लेकर केस भी दर्ज किया गया था। पुलिस की कई टीमों को उसकी तलाश का काम सौंपा गया था। आरोपी ने 2016 में आसिफ जायदा नाम के शख्स को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मार दिया था। उस समय आसिफ पुलिस की कस्टडी में था।

जेल में जुड़ा बड़ी गैंग से

2017 में उसने हरिद्वार के रहने वाले कंबल व्यापारी गोल्डी का मर्डर कर दिया था। गोल्डी से पहले आसिफ जायदा के पिता को भी शाहरुख ने मार दिया था, जो बेटे की हत्या के मामले में गवाह था। बाद में शाहरुख को अरेस्ट किया गया था। बताया जाता है कि जेल में रहने के दौरान ही वह दूसरे गैंग के संपर्क में आया था। इसके बाद एक के बाद एक हत्या की वारदातों को अंजाम दिया। शाहरुख 2016 में जेल से फरार होने में भी कामयाब हो गया था। हालांकि बाद में उसे पकड़ लिया गया था।

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