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तहव्वुर राणा से घंटो हुई पूछताछ, सामने आई चौंकाने वाली खबर… यहां हुई थी डेविड हेडली से मुलाकात

April 12, 2025

तहव्वुर राणा से घंटो हुई पूछताछ, सामने आई चौंकाने वाली खबर… यहां हुई थी डेविड हेडली से मुलाकात

नेशनल डेस्क : तहव्वुर राणा की पूछताछ के दौरान कई अहम और चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई हैं। इन खुलासों ने उसकी जीवन यात्रा, उसके संबंध, और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को उजागर किया है। यहाँ हम राणा के जीवन के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझते हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

राणा का जन्म और पाकिस्तानी सेना से संबंध

आपको बता दें कि तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के छोटे से गाँव, चिंचबुतुनी में हुआ था। उनकी भारत विरोधी भावनाएँ और पाकिस्तान से जुड़ी सेना के प्रति निष्ठा शुरुआत से ही स्पष्ट थी। राणा को अपनी पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनने और आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों से मिलने का जुनून था। वह पाकिस्तान सेना की वर्दी या छद्म पोशाक पहनकर कई बार लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े लोगों और पाकिस्तान आईएसआई के अधिकारियों से मिलता था। इसके अलावा, वह पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के कैंपों में भी जाता था। यह उसकी आतंकवाद और पाकिस्तान से निष्ठा को स्पष्ट करता है।

राणा के परिवार के सदस्य

तहव्वुर राणा के परिवार के बारे में भी कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं:

  • पिता: राणा के पिता का नाम वली मोहम्मद है, और वह एक स्कूल के प्रिंसिपल हैं।
  • भाई: राणा के दो भाई हैं। एक भाई पाकिस्तानी सेना में मनोचिकित्सक (Psychiatrist) है, जबकि दूसरा भाई पत्रकार (Journalist) है। इन परिवारिक संबंधों से यह समझने में मदद मिलती है कि राणा का वैचारिक और मानसिक गठन कैसे हुआ।

राणा की शिक्षा और हेडली से मुलाकात

दरअसल, तहव्वुर राणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हसन अब्दाल के कैडेट कॉलेज से प्राप्त की। यह स्कूल पाकिस्तान के जनरल अयूब खान ने स्थापित किया था। इस स्कूल में राणा की मुलाकात डेविड हेडली से हुई थी, जो बाद में 26/11 के मुंबई हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला आतंकी बन गया। हेडली और राणा के बीच का संबंध अब भी जांच के दायरे में है, और यह साबित करता है कि राणा का आतंकवाद से गहरा नाता था।

राणा की पत्नी है डॉक्टर 

वहीं अगर हम बात तहव्वुर राणा की पत्नी की करें तो वो एक डॉक्टर हैं। 1997 में, राणा अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान से कनाडा में बसने के लिए चला गया था। कनाडा में राणा ने इमिग्रेशन सर्विस शुरू की और इसके अलावा, उसने हलाल स्लॉटर हाउस (धार्मिक तरीके से मांस काटने का व्यवसाय) भी खोला। इन व्यवसायों से यह भी संकेत मिलता है कि राणा की गतिविधियाँ सीमित नहीं थीं, बल्कि वह आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी सक्रिय था।

26/11 मुंबई हमला और राणा का कनेक्शन

तहव्वुर राणा का नाम मुंबई अटैक के मास्टरमाइंड में शामिल है। एनआईए (NIA) की कस्टडी में राणा से पूछताछ की जा रही है, और इस दौरान कई गंभीर खुलासे हो रहे हैं। एनआईए की टीम पूरी कोशिश कर रही है कि राणा से मुंबई हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी निकाली जाए, खासकर पाकिस्तानी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के रोल के बारे में।

हेडली और राणा के बीच 231 कॉल्स

एनआईए के सूत्रों के अनुसार, मुंबई हमले से पहले डेविड हेडली और तहव्वुर राणा के बीच 231 बार फोन पर बातचीत हुई थी। यह आंकड़ा दिखाता है कि दोनों के बीच लगातार संपर्क था और यह चर्चा का मुख्य विषय था कि इन दोनों ने मिलकर मुंबई हमले की योजना बनाई। इन कॉल्स में क्या बातें की गईं, क्या कूटनीतिक रणनीतियाँ बनाई गईं, और दोनों ने एक-दूसरे से क्या जानकारी साझा की, इन सवालों के जवाब एनआईए की जांच में सामने आने वाले हैं।

पूछताछ के दौरान संभावित खुलासे

एनआईए ने तहव्वुर राणा से पूछताछ के दौरान हेडली और राणा के रिश्ते की गहराई को समझने की कोशिश की है। इन दोनों के बीच लगातार संपर्क होने से यह सवाल उठता है कि क्या वे हमले के पहले एक-दूसरे से महत्वपूर्ण इनपुट्स और योजनाएँ शेयर कर रहे थे। 231 कॉल्स के बाद यह बात भी सामने आई है कि राणा और हेडली का एक-दूसरे पर बहुत अधिक विश्वास था, और एक साथ मिलकर उन्होंने मुंबई हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी।

तहव्वुर राणा की जाँच और पूछताछ से कई अहम तथ्य सामने आए हैं। उसकी भारत विरोधी विचारधारा, पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों से जुड़े उसके संबंध, और मुंबई हमले के लिए उसकी भूमिका इन सभी पहलुओं को एनआईए खंगाल रही है। राणा और हेडली के बीच गहरी सांठ-गांठ और 231 कॉल्स का खुलासा इस बात को स्पष्ट करता है कि दोनों आतंकवादियों ने एक साथ मिलकर इस घातक हमले की योजना बनाई थी। अब एनआईए को राणा से पूरी सच्चाई उगलवानी है ताकि यह समझा जा सके कि मुंबई अटैक के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन था।

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