
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद कोई “बाजार” नहीं है जहां किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करवाई जाए।यह बयान अमित शाह ने उस समय दिया जब लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। चर्चा के दौरान शाह ने कहा कि राहुल गांधी अपनी हाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुद्दे पर सदन में बहस की मांग कर रहे हैं, जो संसद की परंपरा के खिलाफ है।
अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के परिवार में उनके परदादा, दादी और पिता जैसे बड़े नेता हुए हैं, लेकिन कभी भी लोकसभा में किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि संसद में बहस के विषय तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार तय होते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि अगर कोई यह उम्मीद करता है कि “झूठ पर आधारित” प्रेस कॉन्फ्रेंस पर संसद में चर्चा होगी, तो स्पीकर ओम बिरला ने ऐसी चर्चा की अनुमति न देकर सदन की गरिमा को बनाए रखने का काम किया है।
इसके अलावा अमित शाह ने राहुल गांधी की संसद में उपस्थिति (अटेंडेंस) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पिछली तीन लोकसभाओं के आंकड़े पढ़ते हुए कहा कि राहुल गांधी की अटेंडेंस राष्ट्रीय औसत से काफी कम रही है। शाह के अनुसार,17वीं लोकसभा में राहुल गांधी की उपस्थिति 51% रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 66% था। 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52% थी, जबकि राष्ट्रीय औसत 80% था। 15वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 43% थी, जबकि राष्ट्रीय औसत 76% था। जब अमित शाह ये आंकड़े पढ़ रहे थे, तब विपक्षी सांसदों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर शाह ने गुस्से में कहा, “सुनो, अब सुनना पड़ेगा।”
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोकसभा ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को नारेबाजी के बीच वॉयस वोट से खारिज कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
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