नई दिल्ली। दिल्ली में एआई समिट के दौरान भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक इस मामले में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तार लोगों में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
#WATCH दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर गिरफ्तार किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे। pic.twitter.com/RvfFDOF4JI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 24, 2026
पटियाला हाउस कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को Patiala House Court में पेश किया। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई है। कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी की। सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
कांग्रेस ने बताया गिरफ्तारी को असंवैधानिक
Indian National Congress ने इस गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा कि IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पूरी तरह असंवैधानिक है। कांग्रेस ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और जनता की आवाज उठाती रहेगी।
भूपेश बघेल ने की गिरफ्तारी की निंदा
Bhupesh Baghel, जो छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ने भी इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा उदय भानु चिब और अन्य युवा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी गैरकानूनी है और इसकी वे निंदा करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोकतंत्र में युवाओं का सवाल पूछना और अपनी बात रखना कोई अपराध नहीं है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा
भूपेश बघेल ने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की समस्याओं को सामने लाना था। उनके अनुसार, यह एक लोकतांत्रिक और जायज कदम था।
सरकार पर पुलिसिया दमन का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर सीधा हमला है।उन्होंने इसे दमनकारी कदम बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि उदय भानु चिब सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही उन पर लगाए गए आरोपों को वापस लिया जाए। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध करना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार को छीना नहीं जा सकता।

