नई दिल्ली। संसद सत्र के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष की ओर से सत्ता और विपक्ष के सांसदों के साथ बैठक करना परंपरा है। मानसून सत्र के बाद भी ऐसी ही बैठक हुई थी, लेकिन उस समय विपक्ष ने इसका बहिष्कार किया था। इस बार विपक्ष के नेता भी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद मौजूद रहे।
प्रियंका गांधी को मिली खास सीट
इस बैठक में एक खास बात देखने को मिली। वायनाड से पहली बार सांसद बनीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बगल वाली सीट दी गई। वहीं राजनाथ सिंह के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे नजर आए। बैठक के दौरान माहौल काफी सहज और सौहार्दपूर्ण रहा।
#WATCH | Delhi | Lok Sabha Speaker Om Birla holds a meeting with the leaders of parties and Members of Parliament in Lok Sabha, in his Chamber in Parliament House on the conclusion of Winter Session of Parliament. Prime Minister Narendra Modi is also present at the meeting. pic.twitter.com/extCsBGoot
— ANI (@ANI) December 19, 2025
बैठक में शामिल रहे ये बड़े नेता
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, चिराग पासवान, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और अन्य दलों के सांसद भी मौजूद रहे। सांसदों को चाय पीते हुए और आपस में हंसी-मजाक करते देखा गया।
नितिन गडकरी के ऑफिस में प्रियंका गांधी की मुलाकात
एक दिन पहले गुरुवार को लोकसभा में प्रियंका गांधी ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से समय न मिलने की बात कही थी। इस पर गडकरी ने कहा था कि उनका दरवाजा हमेशा खुला रहता है और वे प्रश्नकाल के बाद उनके कार्यालय में आकर मिल सकती हैं।
इसके बाद प्रियंका गांधी ने नितिन गडकरी के कार्यालय में जाकर उनसे मुलाकात की, जहां गडकरी ने उन्हें स्वादिष्ट भोजन भी कराया। सत्र समाप्ति के बाद सामने आई तस्वीरों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता मुस्कुराते हुए नजर आए, जो लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है।
संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त, हंगामे में नहीं हो सका कोई काम
संसद का शीतकालीन सत्र आज खत्म हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण कोई भी विधायी काम नहीं हो पाया। लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। कुछ समय बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने स्थगित कर दी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी दलों के नेताओं के साथ एक छोटी बैठक की।
राज्यसभा अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे उपराष्ट्रपति एवं सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में शुरू हुई। इस दौरान सदन में जरूरी कागजात, रिपोर्ट और बयान पेश किए गए।राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करते हुए सभापति ने सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मंत्री के जवाब के दौरान सदस्यों द्वारा विरोध करना और कागजात फाड़ना सदन की गरिमा के खिलाफ है और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदस्य अपने आचरण पर आत्ममंथन करेंगे।
सत्र को बताया उपयोगी
सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कुल मिलाकर यह सत्र काफी उपयोगी रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले सत्रों में और भी सार्थक चर्चाएं होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि शून्यकाल और प्रश्नकाल के दौरान सदन की उत्पादकता में सुधार देखने को मिला और कई उच्च स्तर की बहसें हुईं।
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