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पश्चिम एशिया संकट: ‘होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती टालें’, DGMA की एडवाइजरी

DGMA advisory

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नयी दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों तथा भर्ती सेवा कंपनियों को अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया है।

DGMA का परामर्श 

डीजीएमए ने एक परामर्श में कहा कि फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जहाजों के कप्तानों को उच्च स्तर की सुरक्षा सतर्कता बनाये रखना चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी नौवहन संबंधी चेतावनियों, सुरक्षा परामर्शों और नये घटनाक्रम पर नजर रखें तथा अंतरराष्ट्रीय पोत एवं बंदरगाह सुरक्षा (आईएसपीएस) संहिता के अनुसार लागू सभी सुरक्षा उपायों को अमल में लाएं।

इसमें कहा गया है, ‘‘जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एवं तैनाती सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) धारक कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले आदेश तक उन जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचें, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली यात्राएं कर रहे हैं।’’

जहाजों पर हुए हमलों के बाद जारी हुआ परामर्श 

यह परामर्श इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों-‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों के बाद जारी किया गया। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 सदस्यीय चालक दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। ‘एमटी अल बहिया’ पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य नाविक घायल हो गया था। ‘एमटी मोम्बासा’ पर सवार नौ भारतीय नागरिक घायल हो गये थे।

सरकार ने मंगलवार को डीजीएमए से कहा था कि वह फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में संचालित प्रत्येक जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक ‘डैशबोर्ड’ तैयार करे, चाहे उस जहाज पर ध्वज किसी भी देश का लगा हो।

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