Site icon Dainik Savera Times

दिल्ली में प्रदूषण की मार… हवा में बढ़ा ज़हर, AQI फिर 400 के पार!

Delhi air pollution : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का संकट एक बार फिर गहराता जा रहा है। बता दें कि शहर की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सुबह की धूप भी धुंध की मोटी परत से ढकी दिखाई देती है। प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के ताज़ा आंकड़े दिखाते हैं कि राजधानी के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

हवा की हालत बिगड़ी, AQI पहुंचा ‘बहुत खराब’ स्तर पर

शुक्रवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 325 दर्ज किया गया, जो सीधे ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। इसका अर्थ है कि यह हवा स्वस्थ लोगों में भी सांस से संबंधित परेशानियाँ पैदा कर सकती है, जबकि पहले से बीमार लोगों पर इसका और गहरा प्रभाव पड़ता है।

दिल्ली के पश्चिमी क्षेत्र मुंडका की स्थिति सबसे चिंताजनक रही, जहां AQI 436 तक पहुंच गया। यह स्तर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में माना जाता है और ऐसे हालात में थोड़ी देर भी बाहर रहने से आंखों में जलन, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

क्या कहती है ‘गंभीर’ श्रेणी?

AQI के 401-500 के बीच पहुंचने पर हवा को बेहद खतरनाक माना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस स्तर पर हवा स्वस्थ व्यक्तियों में भी फेफड़ों से जुड़ी गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकती है। बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और श्वसन रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति और भी जोखिमभरी है।

डॉक्टरों की अपील: बाहर निकलने में बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यावश्यक न हो तो बाहर निकलने से बचें। घरों में एयर प्यूरीफायर, मास्क और भाप लेने जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी गई है।

सरकार पर बढ़ा दबाव

तेज़ी से बिगड़ती हवा ने प्रशासन और पर्यावरण एजेंसियों पर तुरंत कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सख़्त और आपातकालीन कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।

Exit mobile version