Delhi AQI Today: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बता दें कि हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और हालात ऐसे बन गए हैं कि प्रशासन को ग्रैप-4 लागू करने के बावजूद कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा। वहीं बुधवार को राजधानी में औसत AQI 400 के पार पहुँच गया, जो “गंभीर” श्रेणी में माना जाता है। इससे पहले बीते 24 घंटों में कई इलाकों में AQI 500 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
सुबह-शाम धुंध तथा स्मॉग की चादर
हवा में PM2.5 और PM10 के स्तर सामान्य सीमा से कई गुना अधिक बने हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार PM2.5 लगभग 269 और PM10 करीब 353 तक पहुँच चुका है। हवा की रफ्तार कम होने और तापमान गिरने के कारण प्रदूषक कण जमीन के निकट ही जमा हो रहे हैं, जिससे सुबह और शाम धुंध तथा स्मॉग की चादर साफ दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना कम ही है।
#WATCH | Delhi: Visuals from the IGI T3 this morning as a layer of toxic smog blankets the city. AQI (Air Quality Index) around the area is 342, categorised as ‘Very Poor’, as claimed by CPCB (Central Pollution Control Board). pic.twitter.com/AVn5lWRsNZ
— ANI (@ANI) November 19, 2025
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में तापमान लगातार गिर रहा है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। हल्की धूप दिन में मिलेगी लेकिन शाम के बाद ठंड बढ़ने के साथ कोहरा भी बढ़ सकता है। हवा की गति 5 से 10 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो प्रदूषण फैलाव को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
दिल्ली सरकार ने ग्रैप-4 के तहत कई पाबंदियाँ की लागू
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने ग्रैप-4 के तहत कई पाबंदियाँ लागू की हैं, जिनमें ऑड-ईवन योजना भी शामिल है। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह योजना भी अपेक्षित परिणाम देती नजर नहीं आ रही। विशेषज्ञ बार-बार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को बाहर निकलने से बचने और घरों में ही रहने की हिदायत दी जा रही है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में प्रदूषण से राहत फिलहाल मिलती नहीं दिख रही। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती या मौसम में बड़ा बदलाव नहीं आता, दिल्ली को इस गंभीर प्रदूषण स्तर से जूझना होगा। इस बीच डॉक्टरों ने लोगों से मास्क का अनिवार्य प्रयोग करने और निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की है।

