Delhi blast case: दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को गिरफ्तार चार आरोपियों की एनआईए कस्टडी 4 दिन और बढ़ा दी है। इन आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद के नाम शामिल हैं। इन आरोपियों को 10 दिन की पिछली कस्टडी पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया था। अब एजेंसी को उनसे आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
इससे पहले 5 दिसंबर को अदालत ने एक अन्य आरोपी शोएब की एनआईए कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी थी। एजेंसी का आरोप है कि शोएब ने धमाके से ठीक पहले आतंकवादी उमर नबी को पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया था। एनआईए का कहना है कि शोएब की भूमिका साजिश के महत्वपूर्ण हिस्से को समझने में बेहद अहम है।
10 दिन की मिली थी रिमांड
2 दिसंबर को एनआईए ने इस केस के मुख्य आरोपी आमिर रशीद अली की कस्टडी 7 दिन और बढ़ा दी थी। आमिर को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और एजेंसी को पहले उसकी 10 दिन की रिमांड मिली थी। शुरुआती पूछताछ के दौरान एनआईए को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर हिरासत बढ़ाने की मांग की गई।
आत्मघाती हमलावर के साथ रची साजिश
जांच में यह सामने आया कि धमाके में इस्तेमाल की गई कार का मालिक खुद आमिर था। एजेंसी के अनुसार, उसने न सिर्फ आत्मघाती हमलावर के साथ साजिश रची बल्कि हमले की तैयारियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने कई राज्यों में छापेमारी की, जिसके बाद आमिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी अभी भी जारी
एनआईए इस पूरे मॉड्यूल को तोड़ने के लिए लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही है। एजेंसी का लक्ष्य इस नेटवर्क से जुड़े हर सदस्य की पहचान करना और उसे गिरफ्तार करना है। जांचकर्ता सभी संभावित सुरागों को इकट्ठा कर यह समझने की कोशिश में हैं कि हमला कैसे प्लान किया गया और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही।

