Delhi Budget : भारतीय जनता पार्टी की सरकार आज दिल्ली विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करेगी, जो 27 साल बाद ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करेंगी। यह बजट भाजपा के चुनावी घोषणापत्र और दिल्ली की जनता से किए गए वादों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद यह पहला बजट है और सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं। इस बजट में कई बड़े बदलाव और योजनाओं की घोषणा हो सकती है, जो दिल्ली के लोगों के लिए अहम साबित हो सकती हैं।
दिल्ली विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। सोमवार को सत्र की शुरुआत खीर समारोह के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में सभी का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा 27 साल बाद दिल्ली का बजट पेश कर रही है।
भगवान राम के अयोध्या लौटने के बाद हुए घटनाक्रम से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, उसी तरह भाजपा 27 वर्ष बाद दिल्ली लौट रही है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने सत्र के पहले दिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी पेश की, जिसमें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले छह वर्षों में डीटीसी का घाटा 35,000 करोड़ रुपये बढ़ गया है। 2015-16 में डीटीसी का घाटा 25,300 करोड़ रुपये था, जो 2021-22 तक बढ़कर 60,750 करोड़ रुपये हो गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने इसकी कड़ी आलोचना की और मांग की कि सभी 14 CAG रिपोर्ट एक साथ सदन में पेश की जाएं, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। डीटीसी का घाटा बढ़ने के बाद विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और इस मुद्दे पर कड़े सवाल उठाए।