फरीदाबाद: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है। सूत्रों के अनुसार, एडीजी विजय सखारे के नेतृत्व में टीम काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को इस जांच को एनआईए को सौंपा था।
एनआईए ने इस जांच के लिए ‘स्पेशल 10’ अधिकारियों की टीम तैयार की है, जिसमें आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। बुधवार को एनआईए के डीजी और आईबी चीफ की बैठक भी हुई, जिसमें मामले की जांच की दिशा तय की गई।
टीम जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा पुलिस से ‘जैश मॉड्यूल’ से जुड़ी सभी केस डायरी अपने कब्जे में लेगी। फरीदाबाद में हाल ही में पकड़े गए ‘आतंकी मॉड्यूल’ की जांच भी जारी है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन संदिग्धों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ था। एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए छह और लोगों को हिरासत में लिया है।
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इनमें विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, छात्र और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं। फरीदाबाद पुलिस हिरासत में रखे गए व्यक्तियों से संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल और दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े संभावित तारों के बारे में पूछताछ कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि फरीदाबाद में पकड़ा गया आतंकी मॉड्यूल और दिल्ली कार ब्लास्ट घटनाओं के बीच संबंध होने की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया कि ब्लास्ट का संदिग्ध उमर अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। एनआईए दोनों घटनाओं को जोड़कर गहन जांच कर रही है।

