नई दिल्लीः दिल्ली में रहने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए एक अच्छी खबर आई है। जो लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों से दिल्ली आते हैं, उन्हें अक्सर रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन लेने में परेशानी होती है। इसका कारण यह है कि उनके पास स्थायी पता (एड्रेस प्रूफ) नहीं होता। अब इस समस्या को हल करने के लिए दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने नया फैसला लिया है। अब कोई भी प्रवासी मजदूर बिना रेगुलर एलपीजी कनेक्शन के भी गैस सिलेंडर ले सकता है।
सिर्फ पहचान पत्र से मिलेगा सिलेंडर
सरकार के इस फैसले के अनुसार, मजदूरों को अब केवल अपना आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके बाद उन्हें तुरंत 5 किलो वाला छोटा गैस सिलेंडर मिल जाएगा। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो किराए के कमरों में रहते हैं और जिनके पास पते का कोई पक्का सबूत नहीं होता।
दिल्ली में गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के एडिशनल कमिश्नर अरुण कुमार झा ने लोगों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली में गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोल और डीजल सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अगर कहीं गैस की कालाबाजारी या कमी की शिकायत आती है, तो उसके लिए सरकार ने एक कंट्रोल रूम भी बनाया है, जहां लोग शिकायत कर सकते हैं और तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
पीएनजी गैस अपनाने पर जोर
सरकार अब पाइपलाइन से मिलने वाली गैस (PNG) को बढ़ावा दे रही है। जिन इलाकों में पीएनजी की सुविधा है, वहां रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे एलपीजी छोड़कर पीएनजी कनेक्शन लें। पहले रोज़ करीब 1,000 नए पीएनजी कनेक्शन दिए जाते थे, लेकिन अब इस संख्या को बढ़ाकर 3,000 प्रति दिन कर दिया गया है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अगर पीएनजी उपलब्ध होने के बावजूद लोग इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो आगे चलकर उनके एलपीजी कनेक्शन पर असर पड़ सकता है।
सही कैटेगरी में कनेक्शन रखना जरूरी
दिल्ली में इस समय लगभग 56 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। सरकार ने लोगों से कहा है कि वे यह जरूर जांच लें कि उनका गैस कनेक्शन सही श्रेणी (कैटेगरी) में दर्ज है या नहीं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल (जैसे व्यापार में उपयोग) रोका जा सके और जिन लोगों को वास्तव में जरूरत है, उन्हें सही तरीके से सब्सिडी मिल सके।

