नई दिल्लीः प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने लोगों को राहत देने और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि सरकार “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान शुरू कर रही है। इसका उद्देश्य देश की मौजूदा परिस्थितियों में हर नागरिक का योगदान सुनिश्चित करना है।
सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को हर हफ्ते दो दिन घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी। इससे सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि प्राइवेट कंपनियों के लिए भी जल्द एडवाइजरी जारी की जाएगी, ताकि वे भी अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे सकें।
#WATCH दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,”….हर सोमवार को हम मेट्रो सोमवार के रूप में काम करेंगे। जिसमें हम सभी मंत्री, हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी जहां संभव हो मेट्रो से ऑफिस जाएंगे और वापस आएंगे। हमने अपने ऑफिस टाइम को सुबह 10:30 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक किया… https://t.co/wwOL0c5ckB pic.twitter.com/BY4qU91Py1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 14, 2026
सरकारी वाहनों के इस्तेमाल में कटौती
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी गाड़ियों के उपयोग को कम करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। पहले अधिकारियों को हर महीने 200 लीटर पेट्रोल दिया जाता था, लेकिन अब इसमें 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने अगले छह महीनों तक कोई नया वाहन नहीं खरीदने का फैसला किया है।
हर सोमवार होगा “मेट्रो मंडे”
दिल्ली सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका नाम “मेट्रो मंडे” रखा गया है। अब हर सोमवार मंत्री, अधिकारी और सरकारी कर्मचारी मेट्रो से सफर करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की प्रेरणा मिलेगी और ट्रैफिक कम होगा।
बदला गया सरकारी दफ्तरों का समय
दिल्ली में सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। इसे कम करने के लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में बदलाव किया है। दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगे। वहीं एमसीडी के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे। अलग-अलग समय रखने से सड़कों पर एक साथ ज्यादा भीड़ नहीं होगी और ट्रैफिक की समस्या कम होगी।
लोगों से “नो व्हीकल डे” मनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन अपनी निजी गाड़ी का इस्तेमाल न करें। इसे “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे प्रदूषण कम होगा और ईंधन की बचत होगी।
ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी
दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों के ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है। इससे लोगों को सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
व्यापारियों से ट्रेन के इस्तेमाल की अपील
सरकार ने व्यापारियों और कारोबारियों से भी अपील की है कि वे सामान ढोने के लिए ट्रकों की जगह ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों का इस्तेमाल करें। इससे सड़कों पर भारी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
दिल्ली सरकार का कहना है कि इन सभी फैसलों का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की बचत करना, ट्रैफिक कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन और जिम्मेदार नागरिकता के लिए प्रेरित करना भी इस अभियान का हिस्सा है।

