नई दिल्लीः दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इस साल 1,03,700 करोड़ रुपये का बड़ा बजट पेश किया है। इस बजट में खास ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचा विकास) और पर्यावरण पर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में लोगों की जिंदगी और बेहतर हो और सुविधाएं बढ़ें। इस बार बजट में पहली बार एमसीडी (नगर निगम) को 11,666 करोड़ रुपये। दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे सफाई, पानी और स्थानीय सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।
प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंची दिल्ली
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली अब प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर सिर्फ 6-7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, अब उनकी सरकार में यह बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव
सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए कई फैसले लिए हैं। सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल दी जाएगी। 10वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप मिलेगा। 8,777 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इन कदमों का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई को आधुनिक बनाना और उनकी स्किल बढ़ाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च
सड़क और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने PWD विभाग को 5,921 करोड़ रुपये दिए। सड़कों को धूल मुक्त बनाने और सुधार के लिए 1,392 करोड़ रुपये। बारापुला कॉरिडोर के लिए 210 करोड़ रुपये। 52,000 किलोमीटर बिजली की तारों को जमीन के नीचे करने के लिए 200 करोड़ रुपये। यह काम दिल्ली को साफ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने में मदद करेंगे।
पूर्वी दिल्ली के लिए खास योजना
यमुना पार (पूर्वी दिल्ली) के विकास के पहले चरण के लिए 300 करोड़ रुपये का अलग बजट रखा गया है। इससे इस क्षेत्र में सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं में सुधार होगा। यह बजट दिल्ली को आधुनिक, साफ और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। शिक्षा, सड़क, बिजली और पर्यावरण जैसे जरूरी क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है।
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