नई दिल्ली: जनवरी की कड़ाके की ठंड और फरवरी की शुरुआत में हुई हल्की बारिश के बाद उम्मीद थी कि बसंत का मौसम सुहावना रहेगा। लेकिन पिछले एक हफ्ते में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 16-17 फरवरी को दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 31-31.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। आमतौर पर मार्च में महसूस होने वाली गर्मी इस बार फरवरी में ही दिखने लगी है।
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फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1-4°C ज्यादा दर्ज हो रहा है। अधिकतम तापमान भी सामान्य से 2-4°C ऊपर चल रहा है। 27 बड़े शहरों में फरवरी के पहले 15 दिनों में पारा सामान्य से अधिक रहा है। 18 फरवरी को हल्की बारिश के बावजूद तापमान 26-28°C के बीच रहने का अनुमान है, लेकिन इसके बाद फिर से 30°C के आसपास पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 12-14°C के बीच बना रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ कम और कमजोर रहे हैं। आमतौर पर ये सिस्टम हिमालयी इलाकों, जैसे उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश लाते हैं, जिससे ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंचती हैं। इस बार ठंडी हवाओं का असर कम रहा, इसलिए दिल्ली-एनसीआर में गर्म हवा का असर बढ़ गया और तापमान तेजी से चढ़ गया।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फरवरी में ही इतनी गर्मी चिंता की बात है। अगर यही रुझान जारी रहा तो मार्च की गर्मी अप्रैल-मई जैसी महसूस हो सकती है। साथ ही, अगर प्रशांत महासागर में अल नीनो के हालात बनते हैं, तो 2026 में पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी पड़ सकती है और नए रिकॉर्ड बन सकते हैं।
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पिछले एक दशक में भारत में तापमान बढ़ने की रफ्तार तेज हुई है। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी जल्दी शुरू हो रही है। लू के दिन बढ़ सकते हैं। गर्मी की अवधि लंबी और ज्यादा तीव्र हो सकती है। बताते चलें कि, फरवरी में ही 31°C के पार पहुंचा तापमान साफ संकेत दे रहा है कि इस साल गर्मी जल्दी और ज्यादा तेज पड़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले महीनों में सावधानी और तैयारी दोनों जरूरी होंगी।