Delhi Liquor Sale : दिल्ली में शराब की बढ़ती बिक्री ने सरकार की तिजोरी को और भर दिया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में आबकारी विभाग ने एक्साइज और वैट मिलाकर 4,192.86 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.37% अधिक है।अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि आने वाले महीनों में और तेज़ हो सकती है, क्योंकि उपलब्ध आंकड़े सिर्फ 16 सितंबर तक के हैं। त्योहारों और नए साल के सीज़न में शराब की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है, जो वर्ष के अंत तक राजस्व लक्ष्यों को पार करा सकता है।
6,000 करोड़ का लक्ष्य अब दूर नहीं
एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने बताया, “सरकार ने इस वर्ष के लिए आबकारी राजस्व का लक्ष्य 6,000 करोड़ रुपये रखा है, जिसका लगभग 70% हिस्सा सिर्फ 6 महीनों में ही जुटा लिया गया है। अगर बिक्री की यही रफ्तार बनी रही, तो दीपावली और नए साल पर होने वाली ज़बरदस्त बिक्री से यह लक्ष्य पार हो सकता है।” गौरतलब है कि पहले यह लक्ष्य 7,000 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन बाद में संशोधित कर 6,000 करोड़ किया गया।
VAT छोड़कर भी जबरदस्त ग्रोथ
– VAT को छोड़कर अप्रैल-सितंबर 2024-25 के दौरान एक्साइज राजस्व 2,598.04 करोड़ रुपये था।
– चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में यह बढ़कर 3,043.39 करोड़ रुपये हो गया, यानी 17.1% की वृद्धि।
– वहीं मासिक औसत वसूली (बिना VAT के) 84.86% की बढ़ोतरी के साथ 279.81 करोड़ से बढ़कर 517.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
नई आबकारी नीति की तैयारी जोरों पर
दिल्ली सरकार ने आबकारी क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए नई एक्साइज पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, नई नीति का उद्देश्य न केवल राजस्व में वृद्धि करना है, बल्कि इसे उपभोक्ता हितैषी, पारदर्शी और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार बनाना भी है।

