Delhi Police : दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। बता दें कि थाना सराय रोहिल्ला की टीम ने एक ऐसी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां बड़े पैमाने पर देसी पिस्तौलें और उनके पुर्जे तैयार किए जा रहे थे। इस कार्रवाई में पुलिस ने 12 देसी पिस्तौल और करीब 250 से अधिक पिस्तौल बनाने का कच्चा माल बरामद किया है। इसके साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
महिला की शिकायत से खुला राज
पूरे मामले की शुरुआत 11-12 अगस्त की रात को हुई, जब सराय रोहिल्ला इलाके की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एक युवक ने उसके भाई शुभम उर्फ लाला पर उस समय गोली चला दी, जब वह घर की छत पर खड़ा था। गोली चलाने वाला नाबालिग पड़ोसी वहां से भाग निकला, लेकिन देसी पिस्तौल स्थानीय लोगों ने उससे छीन ली। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी नाबालिग को पकड़ लिया।
#WATCH | Delhi | An illegal arms factory busted and a huge stockpile of weapons, along with raw material, seized by the team of Sarai Rohilla Police Station. Three people apprehended by the team from different areas of Uttar Pradesh, following raids. Six country-made pistols, 12… pic.twitter.com/ohQL6rgLed
— ANI (@ANI) September 2, 2025
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि गणेश मूर्ति खरीदने को लेकर शुभम से विवाद हुआ था, जिसके चलते उसने फायरिंग की। उसके पास से पुलिस ने देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया।
अलीगढ़ से जुड़े तार
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसने करीब दो महीने पहले अलीगढ़ निवासी बंटी से पिस्तौल खरीदी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने बंटी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से कई कारतूस बरामद हुए।
आगे की जांच में जब पुलिस ने छानबीन तेज की तो 1 सितंबर 2025 को अलीगढ़ के जट्टारी पिशावा रोड स्थित एक खेत में पुलिस को बड़ी जानकारी मिली। यहां दो कमरे बने हुए थे, जिनमें ताला लगा था। पुलिस ने ताला तोड़ा तो अंदर से हथियार बनाने का बड़ा जखीरा और कच्चा माल मिला। फैक्ट्री का संचालन हनवीर नामक शख्स द्वारा किया जा रहा था।
पुलिस की सतर्कता से रोकी गई बड़ी साजिश
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि संगठित गिरोह अवैध हथियारों की सप्लाई में सक्रिय थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे अवैध हथियार गिरोहों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा।

