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Delhi Pollution : दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा, न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस 

December 17, 2024

Delhi Pollution : दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा, न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस 
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 427 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और न्यूनतम तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से दो डिग्री कम 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली के 35 निगरानी केंद्रों में से 28 में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया, जबकि कुछ में एक्यूआई 450 को पार कर गया जो ‘अति गंभीर’ श्रेणी में आता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से हर घंटे आंकड़ा मुहैया कराने वाले ‘समीर’ ऐप के अनुसार शेष सात केंद्रों ने वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की। चार सौ या उससे अधिक का एक्यूआई ‘गंभीर’ माना जाता है और इसका स्वस्थ और बीमार लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा, ‘‘पिछले 24 घंटे की अवधि के दौरान दिल्ली में सामान्य तौर पर शांत हवाएं रहीं जिससे सोमवार को जहां पालम में हल्के कोहरे के दौरान दृश्यता 800 मीटर थी, वहीं मंगलवार की सुबह सफदरजंग में मध्यम कोहरे के दौरान दृश्यता 350 मीटर रह गई।
इसने कहा कि हवाएं शांत रहने या पूर्वी सतही हवाओं के चलने की संभावना के चलते अगले दो दिनों में दिल्ली में मध्यम कोहरे (दृशय़ता 200 मीटर से 500 मीटर के बीच) की स्थिति बने रहने के आसार हैं। सुबह साढ़े बजे आद्र्रता 97 प्रतिशत थी। अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए केंद्र द्वारा गठित समिति ने प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण वायु गुणवत्ता में आई गिरावट के बीच सोमवार को चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (ग्रैप) के चौथे चरण के तहत कड़े प्रतिबंधों को प्रभावी कर दिया।
ग्रैप के चौथे चरण के प्रभावी होने के साथ ही राजमार्गों और फ्लाईओवर जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं सहित सभी निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक रहेगी। जीआरएपी का पहला चरण एक्यूआई के 201 से 300 के बीच (खराब श्रेणी) होने पर, दूसरा चरण 301 से 400 के बीच (बहुत खराब) होने पर, तीसरा चरण 401 से 450 के बीच (गंभीर) होने पर और चौथा चरण 450 से अधिक (बहुत गंभीर) होने पर लागू होता है।

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