
नई दिल्ली [भारत]: दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में एक इमारत ढह गई है। SDM मनोज कुमार ने गुरुवार को बताया कि इमारत के बेसमेंट में 5 लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि अब तक 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और नगर निगम (MCD) के 30 कर्मी बचाव अभियान में जुटे हुए हैं।
इमारत ढहने के संभावित कारण के बारे में बताते हुए, कुमार ने कहा कि एक छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला इमारत बनाई जा रही थी। ऐसा लगता है कि कंक्रीट और मलबा सूखने से पहले ही अस्थायी सपोर्ट (सेंटरिंग) को हटा दिया गया था।
उन्होंने कहा, “एक छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला इमारत बनाई जा रही थी। ऐसा लगता है कि कंक्रीट या मलबा अभी गीला ही था, तभी अस्थायी सपोर्ट (सेंटरिंग) हटा दिया गया, जिसकी वजह से इमारत ढह गई। अब वह गीला मलबा जम गया है और बेसमेंट में फंसा हुआ है… आशंका है कि 5 लोग अंदर फंसे हुए हैं। फिलहाल, NDRF और MCD के 30 कर्मी बचाव कार्य में लगे हैं। 4 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।”
गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह घटना अजमेरी गेट के पास, गली शीश महल, गली सेहतारा में स्थित प्रॉपर्टी नंबर 4548 पर हुई।
विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब दूसरी और तीसरी मंजिल पर हो रहा अवैध निर्माण ढह गया, जिससे पूरी इमारत गिर गई। बचाव दल और नगर निगम के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और खोज व बचाव अभियान चलाने के लिए फ्लडलाइट्स लगाईं। मलबे के नीचे दबे होने की आशंका वाले लोगों की तलाश के लिए रात भर बचाव कार्य जारी रहा।
तंग और घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। यह इमारत एक ऐसी गली के आखिर में स्थित है जो केवल तीन फीट चौड़ी है और आगे जाकर बंद हो जाती है। इस वजह से वहां गाड़ियां, बचाव ट्रक और भारी मशीनें नहीं पहुंच सकीं।
परिणामस्वरूप, बचाव कर्मियों, चिकित्सा कर्मचारियों और दिल्ली नगर निगम (MCD) के 30 से अधिक मजदूरों को पैदल ही मौके पर पहुंचना पड़ा। मलबे को मुख्य रूप से हाथों से हटाया गया, साथ ही बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए टीमों ने छोटे उपकरणों का भी इस्तेमाल किया।
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