नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)’ को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
अमित शाह ने दी जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अमित शाह ने लिखा, “आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को यूएपीए के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है।”
उन्होंने बताया कि यह समूह हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है, साथ ही युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाता है। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए यह सिंडिकेट नफरत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी प्रकाशित करता था।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिनियम की पहली अनुसूची में आतंकवादी संगठनों की सूची है, जिसमें अब 45 संगठनों के बाद 46वें नंबर पर ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)’ को जोड़ा गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क का उद्देश्य देश के भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को शामिल करके सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवादी क्रियाकलापों के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करना है।
विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज
सरकार ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह संगठन भोले-भाले युवाओं को प्रलोभन देकर कट्टरपंथी बनाता है, उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करता है और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्र-विरोधी कृत्यों के लिए संसाधन जुटाता है।
साथ ही, यह नेटवर्क विभिन्न डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके भड़काऊ संदेश प्रसारित करता है और लोक व्यवस्था भंग करने वाली हिंसक गतिविधियों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देता है, जो देश की अखंडता के लिए गंभीर चुनौती है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे विश्वास है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकवाद में लिप्त है और भारत में आतंकवाद के कई कृत्यों में शामिल रहा है। इसी आधार पर यूएपीए की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (क) के तहत इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

