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‘भारत ने हमेशा बातचीत और कूटनीति का समर्थन किया’, पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर बोले PM मोदी

India has always supported dialogue and diplomacy

India has always supported dialogue and diplomacy

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति (डिप्लोमेसी) का रास्ता अपनाने की वकालत की है। सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई।

“बातचीत ही समाधान का रास्ता”

PM मोदी ने कहा, “भारत ने हमेशा ऐसे विवादों का हल निकालने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी की अपील की है।” उन्होंने दोहराया कि भारत का रुख हमेशा शांतिपूर्ण समाधान का रहा है और नई दिल्ली ने हर वैश्विक तनाव के समय शांति और स्थिरता का समर्थन किया है।

आतंकवाद और कट्टरपंथ पर साझा चिंता

प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद (एक्सट्रीमिज़्म) और कट्टरपंथ (रेडिकलाइज़ेशन) आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा, “आतंकवाद, एक्सट्रीमिज़्म और रेडिकलाइज़ेशन पर हमारी भावनाएँ एक जैसी हैं। ये सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन खतरों से निपटने के लिए देशों के बीच करीबी सहयोग ज़रूरी है, ताकि वैश्विक शांति और स्थिरता बनी रहे।

 

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र के सभी देशों के संपर्क में है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के कई अरब देशों की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

भारत का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि वैश्विक तनाव के बीच भारत का रुख हमेशा साफ रहा है, शांति, स्थिरता और बातचीत के जरिए समाधान। उन्होंने कहा कि जब लोकतांत्रिक देश साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत होती है।

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