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India-US Trade Deal: भारतीय कृषि उत्पाद जीरो ड्यूटी पर US जाएंगे, अमेरिकी खेती को भारत में कोई छूट नहीं

Indian agricultural products go to US at zero duty

Indian agricultural products go to US at zero duty

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट के अंतरिम फ्रेमवर्क को किसानों, MSMEs और घरेलू उद्योगों के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। उन्होंने साफ कहा कि इस डील में भारत के किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारतीय किसानों के कृषि उत्पाद ज़ीरो ड्यूटी पर अमेरिका भेजे जा सकेंगे। यानी अब भारत के फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पाद बिना टैक्स के अमेरिकी बाजार में पहुंचेंगे। वहीं, इसके उलट अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि भारतीय किसानों, MSMEs, कारीगरों और छोटे उद्योगों को इस ट्रेड डील से कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि, अमेरिका जैसे बड़े बाजार में ज्यादा पहुंच मिलने से उन्हें बड़ा फायदा होगा।”

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GM फूड पर भी साफ रुख

मंत्री गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में आने की इजाजत नहीं दी गई है। यानी भारतीय उपभोक्ताओं और किसानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया।

टैरिफ में बड़ी राहत

पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है, जो भारत के पड़ोसी देशों से भी कम है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में काफी मदद मिलेगी।

MSMEs और रोजगार पर जोर

इस ट्रेड डील से टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, फुटवियर, खिलौने, जेम्स और ज्वेलरी जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को बड़ा फायदा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि इन सेक्टर्स में एक्सपोर्ट बढ़ने से लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए।

कई सेक्टर्स में ज़ीरो टैरिफ

गोयल ने बताया कि इस फ्रेमवर्क के तहत कई उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिनमें शामिल हैं, जेनेरिक दवाइयां, जेम्स और डायमंड्स, एयरक्राफ्ट और ऑटो पार्ट्स, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल तेल, काजू फल और सब्जियां जैसे आम, केला, अनानास, एवोकाडो और मशरूम, कुछ खास बेकरी उत्पाद। इससे मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी और भारत की एक्सपोर्ट क्षमता और बढ़ेगी।

ऐतिहासिक दिन बताया

पीयूष गोयल ने इस फ्रेमवर्क की घोषणा को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह दिन “सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फरवरी 2025 में शुरू हुई बातचीत अब एक बड़ी कामयाबी तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, “USD 30 ट्रिलियन की अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने अब भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए अपने दरवाजे और खोल दिए हैं। यह समझौता हर भारतीय के लिए नई उम्मीद और नया जोश लेकर आया है।”

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2030 तक बड़ा लक्ष्य

भारत और अमेरिका का लक्ष्य इस ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा USD 191 बिलियन से बढ़ाकर 2030 तक USD 500 बिलियन तक ले जाना है। सरकार का मानना है कि यह डील भारत की विकास यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

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