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Indian currency: क्या हमेशा से भारतीय नोटों पर छपती थी गांधी जी की तस्वीर? जानें कब और क्यों हुआ बदलाव

Gandhi ji's picture was always printed on Indian notes?

Gandhi ji's picture was always printed on Indian notes?

Indian currency: भारतीय करेंसी पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर आज देश की पहचान बन चुकी है। 10 रुपए से लेकर 500 रुपए और 2000 रुपए (जब प्रचलन में था) तक लगभग हर बड़े नोट पर गांधी जी की तस्वीर दिखाई देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय नोटों पर हमेशा से महात्मा गांधी की तस्वीर नहीं छपती थी? आइए जानते हैं इसका पूरा इतिहास।

1995 में लिया गया था अहम फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारतीय नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर को स्थायी रूप से शामिल करने का फैसला 1995 में लिया था। 13 जुलाई 1995 को RBI ने केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा, जिसमें नई करेंसी सीरीज पर गांधी जी की तस्वीर लगाने की सिफारिश की गई थी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 1996 में “महात्मा गांधी सीरीज” के नोट जारी किए गए। इसके बाद से भारतीय करेंसी के सभी प्रमुख नोटों पर गांधी जी की तस्वीर छपने लगी।

आजादी से पहले नोटों पर किसकी तस्वीर होती थी?

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में चलने वाले नोटों पर ब्रिटेन के राजाओं की तस्वीरें छपी होती थीं। अलग-अलग समय में किंग जॉर्ज पंचम (George V) और किंग जॉर्ज षष्ठम (George VI) की तस्वीरें भारतीय करेंसी पर दिखाई देती थीं। यह उस समय भारत के ब्रिटिश उपनिवेश होने का प्रतीक था।

आजादी के बाद भी चलते रहे ब्रिटिश राजा वाले नोट

1947 में भारत को आजादी मिलने के बाद भी तुरंत नए नोट जारी नहीं किए जा सके। इसलिए लगभग दो वर्षों तक किंग जॉर्ज षष्ठम की तस्वीर वाले नोट ही प्रचलन में रहे। नए डिजाइन तैयार करने और छपाई की व्यवस्था स्थापित करने में समय लगा।

1949 में आया बड़ा बदलाव

साल 1949 में भारत सरकार ने 1 रुपए का नया नोट जारी किया। इस नोट पर ब्रिटिश राजा की तस्वीर हटाकर सारनाथ के अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में शामिल किया गया। यह बदलाव भारत की स्वतंत्र पहचान और संप्रभुता का प्रतीक माना गया।

पहली बार कब छपी महात्मा गांधी की तस्वीर?

महात्मा गांधी की तस्वीर पहली बार 1969 में भारतीय करेंसी पर दिखाई दी थी। उस वर्ष गांधी जी की 100वीं जयंती मनाई जा रही थी। इस अवसर पर RBI ने एक विशेष स्मारक नोट जारी किया था, जिस पर गांधी जी की तस्वीर छपी थी। हालांकि यह नियमित उपयोग वाला नोट नहीं था।

नियमित नोट पर गांधी जी की एंट्री

महात्मा गांधी की तस्वीर पहली बार अक्टूबर 1987 में नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले 500 रुपए के नोट पर छपी। इस नोट पर गांधी जी की मुस्कुराती हुई तस्वीर दिखाई गई थी। इसके बाद लोगों के बीच गांधी जी की तस्वीर वाले नोट अधिक लोकप्रिय होने लगे।

क्यों शुरू की गई महात्मा गांधी सीरीज?

1990 के दशक में नकली नोटों की समस्या तेजी से बढ़ रही थी। ऐसे में RBI ने भारतीय बैंक नोटों को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने का फैसला किया। इसी योजना के तहत पूरी करेंसी सीरीज का नया डिजाइन तैयार किया गया। महात्मा गांधी को नोटों का मुख्य चेहरा बनाने के पीछे कई कारण थे। वे राष्ट्रपिता के रूप में सम्मानित हैं, देश की आजादी के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक हैं और दुनिया भर में उनकी पहचान है। इसलिए RBI ने उन्हें भारतीय करेंसी का स्थायी चेहरा बनाने का निर्णय लिया।

1996 की महात्मा गांधी सीरीज ने बदल दी भारतीय करेंसी की पहचान

1996 में शुरू हुई महात्मा गांधी सीरीज भारतीय नोटों के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हुई। इस सीरीज में 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए, 500 रुपए और अन्य बड़े मूल्य के नोटों पर गांधी जी की तस्वीर को प्रमुखता से शामिल किया गया। साथ ही नोटों में कई नए सुरक्षा फीचर्स भी जोड़े गए, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिली। आज महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय करेंसी की सबसे महत्वपूर्ण पहचान बन चुकी है और यह देश की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों का प्रतीक मानी जाती है।

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