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’13 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो करूंगा भूख हड़ताल’, JPSC-JSSC विवाद पर निशिकांत दुबे की चेतावनी

Nishikant Dubey warns JPSC-JSSC Controversy

Nishikant Dubey warns JPSC-JSSC Controversy

नई दिल्ली: झारखंड में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर 13 अगस्त तक इस मामले का समाधान नहीं हुआ, तो वह पार्टी से अनुमति लेकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

13 अगस्त के बाद आंदोलन शुरू करेंगे- निशिकांत दुबे

निशिकांत दुबे ने कहा कि संसद का सत्र 13 अगस्त तक चल रहा है। यदि तब तक सरकार भर्ती विवाद पर कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तो वह भाजपा नेतृत्व से भूख हड़ताल की अनुमति मांगेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से इसकी इजाजत भी मांगी है। अनुमति मिलने के बाद वह 13 अगस्त के बाद आंदोलन शुरू करेंगे। झारखंड में लंबे समय से JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और भर्ती में देरी को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है।

कांग्रेस-JMM और RJD पर निशाना साधा 

निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात-आठ वर्षों में भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों के कारण राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछले सात-आठ साल में हुई सभी सरकारी नियुक्तियों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करना चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाए कि कांग्रेस, JMM और RJD के नेताओं के कितने रिश्तेदारों को इस दौरान सरकारी नौकरियां मिलीं। दुबे ने कहा कि यह मामला किसी एक नेता का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।

अभय तिवारी का भी जिक्र किया

भाजपा सांसद ने इस मामले में अभय तिवारी का भी जिक्र किया और उन्हें कथित मुख्य आरोपी बताया। उन्होंने दावा किया कि तिवारी ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों से पैसे लिए गए और बाद में उन्हें संबंधित लोगों के बीच बांटा गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुबे ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि कथित भ्रष्टाचार कितना बड़ा था। उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने अपने बच्चों को नौकरी दिलाने की उम्मीद में गहने बेचे और जमीन तक बेच दी। ऐसे सभी मामलों का रिकॉर्ड तैयार किया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस, JMM और RJD पर राज्य के युवाओं को निराश करने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी पर विदेशी प्रभाव में काम करने का आरोप भी लगाया और जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए कई दावे किए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।

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