नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युवाओं की बात नहीं सुनी गई तो आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को दी सलाह
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव देते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाकर उनकी जगह सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वांगचुक शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का अनुभव रखते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक को लेकर अहम निर्देश दिए
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जंतर-मंतर पर जारी उनके अनशन के दौरान डॉक्टर रोजाना उनकी स्वास्थ्य जांच करें। अदालत ने यह भी कहा कि यदि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार किसी तरह के इलाज या मेडिकल सहायता की जरूरत पड़े तो उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टर पहले से ही रोजाना सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीम भी उपलब्ध कराई जाएगी।
भूख हड़ताल का 19वां दिन
सोनम वांगचुक ने गुरुवार को अपने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 19वां दिन पूरा किया। उनका यह आंदोलन वर्ष 2026 की NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है।

