नई दिल्लीः दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय रुचिका सिंह पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ। अब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में राहत देते हुए साफ कर दिया है कि रुचिका के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और आगे भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पहले नोएडा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जीरो एफआईआर दर्ज की थी। बाद में यह मामला दिल्ली पुलिस को भेजा गया, क्योंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर की थी। मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने फैसला लिया कि इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यानी अब रुचिका सिंह और उसके परिवार को किसी कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस फैसले से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
वीडियो वायरल होने के बाद रुचिका ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद रुचिका सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। अपने वीडियो में उसने कहा कि वह केवल 15 साल की है और प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों के कहने और बहकावे में आकर उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कह दी थीं। उसने स्वीकार किया कि उससे बहुत बड़ी गलती हुई है।रुचिका ने कहा कि उसे अपनी गलती का पूरा एहसास है और वह अपने किए पर शर्मिंदा है। उसने देश के सभी लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती होगी और भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिखाई उदारता
इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि जो बच्चे गलती से गलत रास्ते पर चले जाते हैं, उन्हें सजा देने या अदालतों के चक्कर लगवाने से समाज में सकारात्मक बदलाव नहीं आएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों को सुधारने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने रुचिका को माफ करने की बात कही और समाज से भी अपील की कि बच्चों की गलतियों को समझदारी और संवेदनशीलता के साथ देखा जाए।
रुचिका की मां ने की थी एफआईआर वापस लेने की अपील
शनिवार, 2 अगस्त को रुचिका सिंह की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि उनकी बेटी के खिलाफ दर्ज शिकायत को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़ा दिल दिखाते हुए उनकी बेटी को माफ कर दिया और उसे नई शुरुआत करने का अवसर दिया। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी किया। रुचिका की मां ने यह भी मांग की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि बच्चे गलत जानकारी या किसी के बहकावे में आकर ऐसी गलतियां न करें।
जंतर-मंतर पर क्यों हुआ था प्रदर्शन?
कुछ समय पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया गया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया था। इस आंदोलन में देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए अनशन किया था।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन तेज हो गया और हालात बिगड़ गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कुछ जगहों पर हिंसा भी हुई। हालांकि बाद में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। सरकार द्वारा छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
परिवार को मिली बड़ी राहत
दिल्ली पुलिस के फैसले के बाद अब रुचिका सिंह और उसके परिवार को कानूनी कार्रवाई का डर नहीं रहेगा। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मामले में न तो कोई एफआईआर दर्ज की जाएगी और न ही आगे कोई कार्रवाई होगी। ऐसे में लंबे समय से चल रहा यह विवाद फिलहाल समाप्त होता दिखाई दे रहा है।

