नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी समूह (Inter-Ministerial Group) का गठन किया है।
सूत्रों के अनुसार, इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। यह टीम मध्य-पूर्व संकट के भारत पर पड़ने वाले असर, खासकर ऊर्जा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की निगरानी करेगी।
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पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती
इसी बीच, सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कटौती की है। अब पेट्रोल पर शुल्क घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीज़ल पर यह शून्य कर दिया गया है। वहीं, डीज़ल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स तय किया गया है। सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी टैक्स में बदलाव किया है। इस पर 50 रुपये प्रति लीटर का नया उत्पाद शुल्क लगाया गया है। हालांकि कुछ छूटों के कारण प्रभावी दर करीब 29.5 रुपये प्रति लीटर रहेगी, जिससे विमानन कंपनियों पर बोझ कम होगा।
यह सभी फैसले ऐसे समय में लिए गए हैं जब ईरान, इजराइल और अमेरिकाय के बीच तनाव बढ़ गया है। खासतौर पर Strait of Hormuz पर असर पड़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराने की आशंका है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के कच्चे तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है।
देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं- सरकार
भारत सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोग घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें। वहीं, क्षेत्र में तनाव जारी है। इजराइल डिफेंस फोर्स (Israel Defense Forces) ने दावा किया है कि उसने ईरान के Yazd शहर में मिसाइल और समुद्री हथियार बनाने वाली एक प्रमुख सुविधा पर हमला किया है।
इस हमले में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां उन्नत हथियारों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।कुल मिलाकर, मध्य-पूर्व के हालात को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की कोशिश कर रही है।

