Old Delhi Railway Station : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने औपचारिक रूप से केंद्रीय रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर महाराजा अग्रसेन के सम्मान में प्रतिष्ठित पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का आग्रह किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे अपने पत्र में गुप्ता ने इस प्रस्ताव को एक ऐतिहासिक शख्सियत के लिए “उचित श्रद्धांजलि” बताया, जो सामाजिक और आर्थिक आदर्शों का प्रतीक हैं, जो लाखों लोगों के दिलों में गूंजते रहते हैं।
महाराजा अग्रसेन: न्याय और कल्याण के प्रतीक-
रेखा गुप्ता ने अपने पत्र में महाराजा अग्रसेन को एक सम्मानित शख्सियत बताया, जो सामाजिक न्याय, आर्थिक निष्पक्षता और सामुदायिक कल्याण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उनकी स्थायी विरासत पर प्रकाश डाला, खासकर दिल्ली में, जहां उनके अनुयायियों और वंशजों ने शहर की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

राजधानी में समुदाय की गहरी मौजूदगी-
रेखा गुप्ता ने पत्र में लिखा, “महाराजा अग्रसेन को व्यापक रूप से सामाजिक न्याय और आर्थिक दूरदर्शिता का प्रतीक माना जाता है। उनकी विरासत लाखों लोगों को प्रेरित करती है, खासकर दिल्ली में।” प्रस्ताव का उद्देश्य जन भावना को दर्शाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेशन का नाम बदलने से न केवल महाराजा अग्रसेन की विरासत का सम्मान होगा, बल्कि उन अनगिनत दिल्ली निवासियों की भावनाओं को भी दर्शाया जाएगा, जो उनका बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम उनके द्वारा अपनाए गए मूल्यों का प्रतीक होगा और राजधानी में समुदाय की गहरी मौजूदगी को मान्यता देगा।
भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, जिसे दिल्ली जंक्शन के नाम से भी जाना जाता है, की स्थापना 1864 में हुई थी और इसने कलकत्ता (अब कोलकाता) से ब्रॉड-गेज ट्रेन सेवा के साथ परिचालन शुरू किया था। आज, यह देश के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक रेलवे केंद्रों में से एक है, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान करता है।
इस पहल को वरिष्ठ भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त है, लेकिन अभी तक रेल मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह प्रस्ताव अब सार्वजनिक चर्चा में आ गया है।