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PM Modi 3.0 Cabinet : Nirmala Sitharaman ने फिर संभाला वित्त मंत्रालय का कार्यभार, लगातार 7वीं बार बजट पेश करके बनाएंगी रिकॉर्ड

June 12, 2024

PM Modi 3.0 Cabinet : Nirmala Sitharaman ने फिर संभाला वित्त मंत्रालय का कार्यभार, लगातार 7वीं बार बजट पेश करके बनाएंगी रिकॉर्ड

नई दिल्ली : निर्मला सीतारमण ने बुधवार सुबह दूसरे कार्यकाल में औपचारिक रूप से केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। सीतारमण का नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में वित्त सचिव टीवी सोमनाथन और वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अन्य सचिवों ने स्वागत किया। निर्मला सीतारमण जो 2014 और 2019 दोनों मोदी मंत्रिमंडलों में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं ने रविवार शाम को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अन्य 70 मंत्रिपरिषद के साथ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली हैं।

वह जल्द ही 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करेंगी, लेकिन तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है। 2014 के मंत्रिमंडल में, उन्होंने वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री और बाद में स्वतंत्र प्रभार के साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया। 2017 में, उन्हें केंद्रीय रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। 2019 में सीतारमण ने केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।

वह पूर्णकालिक केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं। इससे पहले इंदिरा गांधी ने भारत की प्रधानमंत्री रहते हुए थोड़े समय के लिए वित्त को अतिरिक्त पोर्टफोलियो के रूप में संभाला था। कार्यभार संभालने पर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन्हें फिर से केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के रूप में काम करने और भारत की सेवा करने का अवसर दिया। सचिवों द्वारा उन्हें चल रहे नीतिगत मुद्दों पर जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के लिए ‘जीवन की सुगमता’ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में आगे भी कदम उठाती रहेगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 से किए गए सुधार जारी रहेंगे, जो भारत के लिए व्यापक आर्थिक स्थिरता और विकास प्रदान करेंगे। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच हाल के वर्षों में भारत की सराहनीय विकास कहानी पर भी प्रकाश डाला और कहा कि आने वाले वर्षों के लिए एक आशावादी आर्थिक दृष्टिकोण है। उन्होंने विभागों से एनडीए सरकार के विकास एजेंडे को नए जोश के साथ आगे बढ़ाने और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी नीति निर्धारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

निर्मला सीतारमण ने अभी तक नहीं लड़ा काेई लोकसभा चुनाव

निर्मला सीतारमण पहली बार 2014 में भारतीय संसद में राज्यसभा के लिए चुनी गईं और उसके बाद 2016 में फिर से चुनी गईं। उन्होंने अब तक कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है। वह 2008 से भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं। सीतारमण का जन्म 1959 में तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उन्होंने तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्कूली शिक्षा और स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीतारमण ने लंदन में एग्रीकल्चरल इंजीनियर्स एसोसिएशन, यूके में अर्थशास्त्री के सहायक के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने प्राइस वाटरहाउस, लंदन में वरिष्ठ प्रबंधक (अनुसंधान और विश्लेषण) के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के साथ भी काम किया। भारत लौटने पर उन्होंने हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी स्टडीज के उप निदेशक के रूप में कार्य किया। वह 2003-2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं और महिला सशक्तिकरण के विभिन्न मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने अभी तक पेश किए 6 बजट

केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने अब तक छह बजट पेश किए हैं, जिसमें 1 फरवरी का अंतरिम बजट भी शामिल है। पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के साथ अपने रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद वह लगातार छठा बजट पेश करने वाली दूसरी वित्त मंत्री बनीं। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री सीतारमण ने जुलाई 2019 से अब तक पांच पूर्ण बजट पेश किए हैं। सीतारमण ने अपने पूर्ववर्तियों जैसे मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा द्वारा स्थापित रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने लगातार पांच बजट पेश किए थे। अपने मंत्रिपरिषद के तहत, उन्होंने बजट प्रक्रिया में कुछ बड़े बदलाव किए। 2019 में पहली बार उन्होंने पारंपरिक बजट ब्रीफकेस को बदल दिया और भाषण और अन्य दस्तावेजों को ले जाने के लिए राष्ट्रीय प्रतीक से सजे ‘बही-खाता’ का विकल्प चुना। हाल ही में वह बही-खाते में लिपटे एक टैबलेट को ले जा रही हैं।

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