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पीएम मोदी रात 8.30 बजे देश को करेंगे संबोधित, महिला आरक्षण बिल पर कर सकते हैं बात

PM Modi will address the nation at 8.30 pm.

PM Modi will address the nation at 8.30 pm.

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात करीब 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि उनका भाषण महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर केंद्रित होगा। यह वही बिल है, जिसे संसद में पास कराने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार को जरूरी समर्थन नहीं मिल पाया।

बता दें कि, कल लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया। 298 सांसदों ने बिल का समर्थन किया, जबकि 230 ने इसका विरोध किया। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 सांसदों ने वोट दिए थे जिसमें से दो तिहाई 352 होता है। इस तरह से बिल 54 वोटों से गिर गया था। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घोषणा की कि बिल पास नहीं हो पाया। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिला आरक्षण को रोकने का काम किया।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के दलों पर आरोप

इससे पहले बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं को 33% आरक्षण देने के मुद्दे पर एकजुटता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को लंबे समय से राजनीतिक अधिकार देने का वादा किया, लेकिन जब मौका आया तो वह उस पर खरी नहीं उतरी।

स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में करोड़ों महिलाओं को बुनियादी सुविधाएं, जैसे शौचालय, तक नहीं मिल पाए। वहीं बीजेपी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं और जेंडर बजट जैसे कदम उठाए। संसद में जब इस बिल पर वोटिंग हुई, तो सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।

राहुल गांधी क्या बोले?

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे डिलिमिटेशन (सीटों के पुनर्विभाजन) से जोड़ने का विरोध करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल के जरिए कुछ राज्यों, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है, और हर राज्य को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।

फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी और उसके सहयोगी दल विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उन पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं विपक्ष भी सरकार के इरादों पर सवाल उठा रहा है। अब सभी की नजर प्रधानमंत्री के संभावित संबोधन पर है, जिसमें इस पूरे विवाद पर सरकार का पक्ष साफ हो सकता है।

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