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दिल्‍ली-NCR में बढ़ा प्रदूषण: सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 319 किया गया दर्ज

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा में धुंध और धुएं की मोटी परत छाई हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह 7 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 319 दर्ज किया गया है। यह ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने पानी के छिड़काव वाले यंत्र और एंटी-स्मॉग गन तैनात किए हैं ताकि धूल और धुएं को कुछ हद तक कम किया जा सके।

 एनसीआर के शहरों की स्थिति भी चिंताजनक

-गुरुग्राम: AQI 283 (खराब श्रेणी)

-गाजियाबाद (लोनी): AQI 349 (बहुत खराब)

-नोएडा सेक्टर-62: AQI 309 (बेहद खराब)

-यह आंकड़े दिखाते हैं कि एनसीआर में लगभग हर जगह की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है।

 

रविवार को प्रदूषण और बढ़ा
रविवार को वायु गुणवत्ता और बिगड़ गई थी। उस दिन दिल्ली का औसत AQI 366 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। तीन निगरानी केंद्रों ने तो 400 से ज्यादा AQI दर्ज किया, जो ‘गंभीर (Severe)’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यानी शनिवार को दिल्ली का AQI 303 था, यानी सिर्फ 24 घंटे में प्रदूषण काफी बढ़ गया।

दिल्ली से भी बदतर स्थिति इन शहरों में
सीपीसीबी के अनुसार हरियाणा के धारूहेड़ा में AQI 434 दर्ज किया गया, जो “गंभीर” स्तर पर है। महाराष्ट्र के भिवंडी में AQI 376 दर्ज किया गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है।इसका मतलब है कि इन शहरों की हवा दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित है।

 

बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि फेफड़ों या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को इस समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।

-सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें

-मास्क का प्रयोग करें

-घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें

एनसीआर के अन्य शहरों का AQI स्तर

-गाजियाबाद: 351 (बेहद खराब)

-गुरुग्राम: 357 (बेहद खराब)

-नोएडा: 348 (बेहद खराब)

-ग्रेटर नोएडा: 340 (बेहद खराब)

-फरीदाबाद: 215 (खराब)

फरीदाबाद की हवा बाकी शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है, लेकिन अभी भी सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।

क्या किया जा रहा है उपायों के तौर पर

सरकार और प्रशासन ने प्रदूषण कम करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं।

-सड़कों पर पानी का छिड़काव

-निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक

-डीजल वाहनों की जांच

-स्मॉग गन का इस्तेमाल

-लोगों को कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह

ये बरतें सावधानी
सुबह और शाम खुले में सैर करने से बचें। घर पर रहकर हल्का व्यायाम करें। बाहर निकलें तो एन-95 मास्क पहनें। बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को खुले में न जाने दें। आंख या सांस में जलन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बाहर से लौटने के बाद आंख और नाक को अच्छी तरह साफ करें।

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