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‘कोई ताकत छात्रों की आवाज…’, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे उनके धरना-प्रदर्शन से हटाने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा है। सोनम वांगचुक जी को उस समय जंतर-मंतर से हटाना गलत था, जब वह शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे।”

 

राहुल गांधी ने आगे कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य के लिए बेहद गंभीर हैं। उनका कहना था कि इन समस्याओं पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि “कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो छात्रों के साथ खड़े हैं और उन पर भरोसा करते हैं, इन अहम मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”

बता दें कि जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

20 जुलाई का संसद मार्च हर हाल में होगा: सोनम वांगचुक की पत्नी

अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि 20 जुलाई का मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करना सरकार और नीति बनाने वालों की जिम्मेदारी है। आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था की कमियों को सामने लाना और सुधार की मांग करना है।

उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब सिर्फ NEET पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एक बड़ा अभियान बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोगों को जागरूक करने के लिए है और इसका असर दिखाई दे रहा है।

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