नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 2–3 हफ्तों से वहां के हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। पीएम ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संसद को इस मुद्दे पर जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश इस विवाद को जल्द खत्म करने की अपील कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से करीब 1000 भारतीय वापस आए हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खाड़ी देशों में हजारों भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं। वहां की स्थिति को देखते हुए CBSE ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
#WATCH | On the West Asia conflict, Prime Minister Narendra Modi says, “The situation in West Asia is worrisome. In the last 2-3 weeks, EAM Dr S Jaishankar and Union Minister Hardeep Puri have provided the details of the situation to the House. This conflict has been going on for… pic.twitter.com/glAmgzVDyP
— ANI (@ANI) March 23, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि करीब 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। इसके अलावा, समुद्री जहाजों में भी बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की संसद से एकजुट और स्पष्ट संदेश दुनिया तक जाना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे ही यह संघर्ष शुरू हुआ, भारत सरकार ने प्रभावित देशों में रह रहे भारतीयों की मदद शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया के कई राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हालांकि, इस दौरान कुछ भारतीयों की मौत भी हुई है और कुछ घायल हुए हैं। सरकार उनके परिवारों की मदद कर रही है और घायलों का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
#WATCH | On the West Asia conflict, Prime Minister Narendra Modi says, “India has extensive trade relations with countries at war and affected by the conflict. The region where the conflict is taking place is also an important route for our trade with other countries around the… pic.twitter.com/0Bzx23Er3S
— ANI (@ANI) March 23, 2026
पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के लिए यह इलाका बहुत अहम है, क्योंकि यहीं से कच्चा तेल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजें आती हैं। फिलहाल वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार कोशिश कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पर कोई असर न पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है, इसलिए सरकार अब इसके घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
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