Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

इस बार सर्दियों में Mount Everest का बर्फ का आवरण 150 मीटर तक कम हुआ

February 21, 2025

इस बार सर्दियों में Mount Everest का बर्फ का आवरण 150 मीटर तक कम हुआ

नई दिल्ली: माउंट एवरेस्ट के ऊपरी भाग में बर्फ का आवरण 150 मीटर तक कम हो गया है, जो 2024-2025 में सर्दियों के मौसम के दौरान जमी बर्फ में कमी का संकेत है। शोधकर्ताओं के वेिषण के बाद यह जानकारी सामने आई। अमरीका के निकोल्स कॉलेज में पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर और ग्लेशियर का अध्ययन करने वाले ‘ग्लेशियोलॉजिस्ट’ मौरी पेल्टो ने 2 फरवरी को एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि अक्तूबर 2023 से जनवरी 2025 की शुरुआत तक अमरीकी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था ‘नासा’ (नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) के उपग्रह चित्रों का वेिषण करने पर पता चला कि 2024 और 2025 दोनों में जनवरी तक ‘हिम रेखा’ में वृद्धि की संभावना है।

‘माउंट एवरेस्ट’ दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,849 मीटर ऊपर मापी गई है। यह धरती पर सबसे ऊंचा स्थान है। हिमालय की चोटी नेपाल और तिब्बत के बीच स्थित है। ‘हिम रेखा’ उस सीमा या ऊंचाई को दर्शाती है जिस पर बर्फ स्थायी रूप से पहाड़ पर बनी रहती है। बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया कम ऊंचाई वाले पहाड़ों पर होती है, लेकिन जब पहाड़ की ऊपरी ढलान पर बर्फ पिघलने लगती है तो यह गर्म जलवायु का संकेत होता है। पेल्टो ने कहा कि हाल की सर्दियों में गर्म और शुष्क परिस्थितियां बनी हुई हैं। इनमें 2021, 2023, 2024 और 2025 की सर्दियां भी शामिल हैं, जिसके कारण बर्फ का आवरण कम हो रहा है, हिम रेखाएं ऊंची हो रही हैं और जंगल की आग की घटनाएं बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हर शीत ऋतु के आरंभ में थोड़ी बहुत बर्फबारी होती है, लेकिन बर्फ का आवरण अधिक समय तक नहीं बना रहता जिससे पता चलता है कि माउंट एवरेस्ट पर 6000 मीटर से ऊपर भी ग्लेशियरों का पिघलना जारी है। सर्दियों के दौरान इतनी ऊंचाइयों पर बर्फ के आवरण का कम होना मुख्य रूप से ‘ऊध्र्वपातन’ का परिणाम है, जिसमें बर्फ सीधे सीधे वाष्प में परिर्वितत हो जाती है। इसके कारण प्रतिदिन 2.5 मिलीमीटर बर्फ तक का नुकसान देखा जाता है। दिसंबर 2024 में नेपाल में सामान्य से 20-25 प्रतिशत अधिक बारिश हुई जबकि पूर्व में शुष्क परिस्थितियां बनी रहीं, साथ ही औसत से अधिक तापमान भी रहा।

ये भी पढ़ें: भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें