
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एयर इंडिया की सुरक्षा प्रथाओं और रखरखाव प्रक्रियाओं का स्वतंत्र रूप से ऑडिट करने के लिए एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि वह एयर इंडिया को ही क्यों निशाना बना रहे हैं।
याचिका खारिज करते हुए उन्होंने पूछा, “सिर्फ़ एयर इंडिया ही क्यों? दूसरों का क्या?” यह याचिका अहमदाबाद-लंदन मार्ग पर हाल ही में एयर इंडिया के एक बोइंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दायर की गई थी, जिसमें 270 लोगों की जान चली गई थी।
यह जनहित याचिका नरेंद्र कुमार गोस्वामी और लक्ष्मण प्रसाद गोस्वामी द्वारा दायर की गई थी, जिसमें एयर इंडिया की सुरक्षा प्रथाओं, रखरखाव प्रक्रियाओं और परिचालन प्रोटोकॉल की सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।
याचिका में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा मान्यता प्राप्त एक अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसी द्वारा एयर इंडिया के पूरे बेड़े का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने की भी मांग की गई थी, जिसमें 2024 ICAO ऑडिट रिपोर्ट में पहचानी गई कमियों को दूर किया गया हो।
इसके अलावा, अहमदाबाद विमान दुर्घटना के संबंध में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) से समयबद्ध रिपोर्ट मांगी गई।
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