नई दिल्ली: हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि देश में जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, खासकर राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बताया जा रहा था। लेकिन अब सरकार ने इन खबरों पर साफ जवाब दे दिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय ने ऐसी खबरों को “फर्जी” और “भ्रामक” बताया है। सरकार के मुताबिक, इस तरह की खबरें लोगों में डर और घबराहट फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भी पोस्ट करके कहा कि सरकार ईंधन की कीमत बढ़ाने पर विचार नहीं कर रही है। लोगों से अपील की गई कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें।
FAKE NEWS
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। यह दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है। साथ ही अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसी वजह से कुछ रिपोर्ट्स में अंदाजा लगाया गया था कि भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
सरकार का कहना है कि पिछले चार सालों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार और तेल कंपनियों ने कोशिश की है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर आम लोगों पर कम पड़े। फिलहाल पेट्रोल-डीजल महंगा होने की खबरों को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर बनी हुई है, क्योंकि वही आगे कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।