पंचांग और शुभ मुहूर्त 29 अप्रैल 2023

शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023 संवत्सर नाम-पिंगल अयन-उत्तरायण मास-वैशाख पक्ष-शुक्ल ऋतु-ग्रीष्म वार-शनिवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-नवमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन-आश्लेषा योग (सूर्योदयकालीन)-गण्ड करण (सूर्योदयकालीन)-कौलव लग्न (सूर्योदयकालीन)-मेष शुभ समय-प्रात: 7:35 से 9:11, 1:57 से 5:08 बजे तक राहुकाल-प्रात: 9:00 से 10:30 तक दिशा शूल-पूर्व योगिनी वास-पूर्व गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र स्थिति-सिंह व्रत/मुहूर्त-श्री जानकी प्राकट्योत्सव (जानकी.

शुभ विक्रम संवत्-2080, शक संवत्-1945, हिजरी सन्-1444, ईस्वी सन्-2023
संवत्सर नाम-पिंगल
अयन-उत्तरायण
मास-वैशाख
पक्ष-शुक्ल
ऋतु-ग्रीष्म
वार-शनिवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-नवमी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन-आश्लेषा
योग (सूर्योदयकालीन)-गण्ड
करण (सूर्योदयकालीन)-कौलव
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मेष
शुभ समय-प्रात: 7:35 से 9:11, 1:57 से 5:08 बजे तक
राहुकाल-प्रात: 9:00 से 10:30 तक
दिशा शूल-पूर्व
योगिनी वास-पूर्व
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-सिंह
व्रत/मुहूर्त-श्री जानकी प्राकट्योत्सव (जानकी नवमी)/गुरु उदय पूर्वे
यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
आज का उपाय-शनि मंदिर में काली ध्वजा चढाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

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