नयी दिल्ली: पांच सालों के बाद एक बार फिर से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) शुरू होने जा रही है. इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से शुरू होकर 25 अगस्त 2025 तक चलेगी. उत्तराखंड और सिक्किम के रास्ते कुल 15 जत्थे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे. इस यात्रा में कुल 250 श्रद्धालु शामिल होंगे. आपको मालूम हो कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 2020 में कोविड-19 महामारी और भारत-चीन सीमा पर उत्पन्न तनाव के कारण रोक दी गई थी.
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दिल्ली में कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कराना होता है. इसके बाद यात्रा के दौरान भी कुछ डॉक्यूमेंट अपने पास रखना अनिवार्य है. श्रद्धालुओं को अपने पास रजिस्ट्रेशन स्लिप, ई-पास या परमिट, मेडिकल सर्टिफिकेट, ट्रैवल इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट, टिकट या बुकिंग की कॉपी, स्टे की डिटेल्स, ID कार्ड, पासपोर्ट, हाल की रंगीन फोटो, ₹100 के स्टाम्प पेपर पर बना इंडेग्निटी बॉन्ड, इमरजेंसी में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू परमिशन फॉर्म, चीन की सीमा पर मरने पर वहीं अंतिम संस्कार का परमिशन फॉर्म जरूर रखना चाहिए.
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को अपने पास मेडिकल किट जरूर रखने चाहिए. इस किट में जरूरी दवाइयां, बैंडेज और सर्जिकल मास्क होने चाहिए. यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु अपने पास गर्म कपड़े, रेनकोट, मजबूत जूते, टोपी और ग्लव्स जरूर रखें. ट्रैवल एजेंसी वाले खाने का अरेंजमेंट तो करेंगे, लेकिन फिर भी आप अपने साथ चिप्स, कैंडी, जूस वगैरह जैसी चीजें जरूर ले जाओ. ट्रेकिंग के दौरान हल्की-फुल्की स्नैकिंग बहुत काम आती है. नेपाल और तिब्बत में इंडियन करेंसी एक्सेप्ट नहीं होती. इसलिए या तो पहले से कुछ फॉरेन करंसी अरेंज कर लें या फिर अपने टूर ऑपरेटर से हेल्प ले लें. साथ में कैश भी रखें क्योंकि वहां इंटरनेशनल कार्ड्स काम नहीं करते. यात्रा के दौरान पहाड़ों में अकेले घूमने का रिस्क न लें. हमेशा अपने ग्रुप के साथ रहें.
कौन जा सकता है कैलाश मानसरोवर यात्रा पर
1. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए भारतीय नागरिक होना चाहिए.
2. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए.
3. पासपोर्ट की वैलिडिटी कम से कम 6 महीने होनी चाहिए.
4. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्री का बॉडी मास इंडेक्स 25 या उससे कम होना चाहिए.
5. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए यात्री को शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए.
6. कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है.
कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का है धार्मिक महत्व
चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील स्थित है. कैलाश पर्वत हिमालय की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है. कैलाश पर्वत न सिर्फ हिंदू बल्कि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी आस्था का केंद्र है. हिंदुओं की मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का वास स्थल है और उसकी परिक्रमा करने और मानसरोवर झील में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर झील को ब्रह्मा जी ने बनाया था.
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