Aja Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति भी होती है। साल भर में 24 एकादशी आती हैं और भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है।
इस विशेष तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा, भजन-कीर्तन और कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही तुलसी पूजन और उससे जुड़े कुछ उपाय करने से भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और मां तुलसी तीनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत रखने और इन उपायों को अपनाने से भक्त के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं शांति का वास होता है।
अजा एकादशी 2025 पर तुलसी से जुड़े खास उपाय
तुलसी को जल अर्पित करें
स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण कर तुलसी के पौधे को गंगाजल अर्पित करें। इससे घर में सुख-शांति और परिवार में आपसी प्रेम बना रहता है।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी दल
विष्णु भगवान को भोग लगाते समय तुलसी दल अवश्य शामिल करें। इससे विष्णु प्रसन्न होते हैं और सभी पापों का नाश होता है।
तुलसी के नीचे मंत्र जप
‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का तुलसी के नीचे बैठकर जप करें। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
तुलसी की माला धारण करें
पूजा के दौरान गले में तुलसी की माला पहनें। इससे विष्णु उपासना का फल कई गुना बढ़ जाता है।
तुलसी के नीचे दीप प्रज्वलन
शाम को तुलसी के नीचे गाय के घी का दीपक जलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी का वास होता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

