Azamgarh : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अस्तित्वहीन मदरसों का मामला प्रकाश में आया है। एक शिकायत के बाद 2022 में शासन द्वारा एसआईटी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी, और इसके बाद अब सरकार के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आज तक अस्तित्वहीन 219 में से कुल 79 मदरसों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है बाकी की जांच जारी है । इसमें सबसे अधिक तहसील फूलपुर में 11 मदरसों के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज हुई है ।
सबसे अधिक मुकदमे फूलपुर थाने में
श्री जैन ने बताया कि एसआईटी द्वारा मदरसा पोर्टल पर दर्ज किए गए फर्जी डाटा की जांच के बाद ये मामले सामने आए हैं। एसआईटी की जांच में पता चला कि कई मदरसे अस्तित्व में ही नहीं थे और कुछ ने पहले से मौजूद इंटर कॉलेजों को मदरसा के रूप मे दिखाया था। इन मामलों में अस्तित्वहीन मदरसों के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है, और जिले के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसमें सबसे अधिक मुकदमे फूलपुर थाने में कुल 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं । इन मदरसों ने फर्जी तरीके से सरकारी अनुदान प्राप्त कर उसका दुरुपयोग किया। एसपी ग्रामीण, चिराग जैन ने बताया कि प्रतिदिन जांच के बाद जिन मदरसों की भी रिपोर्ट आ रही है उसके अनुसार मुकदमे दर्ज किया जा रहे हैं।
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