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राम नाम के बेल पत्र से बाबा महाकाल का भव्य शृंगार, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

dharam news

उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार (ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वितीया) को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। भगवान महाकाल का राम नाम के बेल पत्र से आलोकिक शृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तो को जैसे ही बाबा के दर्शन हुए ‘जय श्री महाकाल’ का उद्घोष किया गया।

मंगलवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। त्रिशूल, त्रिपुंड, डमरू, भांग, चंदन और राम नाम के बेल पत्र अर्पित किए गए। महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनिवार देर रात से ही बाबा के दर्शन करने के लिए लाइन में खड़े रहे। जानकारी के मुताबिक पहले महाकाल को श्मशान की राख अर्पित की जाती थी लेकिन अब विशेष रूप से कपिला गाय के गोबर और औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार भस्म का उपयोग होता है।

भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है। बाबा महाकाल की आरती देश-विदेश में मशहूर है, जिसे देखने के लिए जनसमान्य से लेकर बड़ी हस्तियां भी आती हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है।

 

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