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Bada Mangal 2026: बड़े मंगल पर ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, दूर होंगे संकट और आर्थिक परेशानियां, नोट कर लें पूरी सामग्री लिस्ट

Bada Mangal 2026

Bada Mangal 2026

Bada Mangal 2026 Puja Vidhi: ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। इन खास मंगलवारों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से हनुमान जी की पूजा करने पर भक्तों के जीवन से परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साल 2026 में 19 मई यानि आज तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा हैं। ऐसे में अगर आप भी इस दिन बजरंगबली की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो पूजा की सही विधि और जरूरी सामग्री के बारे में जान लेना जरूरी है। तो आइए ख़बर में विस्तार से जानते हैं…

बड़ा मंगल पूजा के लिए जरूरी सामग्री

हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर
तुलसी की माला
लाल या पीले फूल
पूजा का आसन
सिंदूर और चमेली का तेल
गंगाजल
अक्षत और कलावा
पान का बीड़ा
घी का दीपक, कपूर और धूपबत्ती
केले
बूंदी, बेसन के लड्डू या चूरमा

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ऐसे करें बड़ा मंगल की पूजा

1. सबसे पहले बड़ा मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन लाल या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें।

2. इसके बाद भक्त पूजा स्थान को साफ करके उत्तर-पूर्व दिशा में एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। फिर हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। साथ में भगवान श्रीराम और माता सीता की तस्वीर रखना भी शुभ माना जाता है।

3. अब गंगाजल से पूजा स्थान को पवित्र करें और हनुमान जी को सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें। इसके बाद फूल, कलावा और तुलसी अर्पित करें। मान्यता है कि तुलसी के बिना हनुमान जी का भोग अधूरा माना जाता है।

4. फिर भोग में बूंदी, बेसन के लड्डू या घी से बना चूरमा चढ़ाया जा सकता है। पूजा के दौरान “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।

5. अंत में घी का दीपक या कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करें।

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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