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आज है पांचवां बड़ा मंगल: हनुमान जी को अर्पित करें ये 5 विशेष भोग, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद

Bada Mangal 2 June 2026

Bada Mangal 2 June 2026

Bada Mangal 2026 : ज्येष्ठ मास के पावन मंगलवारों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। आपको बता दें कि आज, 2 जून को पांचवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। इस दिन भक्तगण श्रद्धापूर्वक संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल पर विधि-विधान से की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर करने और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक मानी जाती है। आइए ख़बर में विस्तार से जानते हैं…

1. बूंदी और बूंदी के लड्डू

हनुमान जी को बूंदी अथवा बूंदी से बने लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से लाल या पीले रंग की बूंदी का भोग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं।

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2. बेसन के लड्डू

बेसन के लड्डू बजरंगबली को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। मान्यता है कि इस भोग को अर्पित करने से जीवन में आने वाली रुकावटें कम होती हैं और अधूरे कार्य पूरे होने लगते हैं।

3. मीठा पान

बड़े मंगल के अवसर पर हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करने की भी परंपरा है। पान में गुलकंद, सौंफ और इलायची का उपयोग किया जा सकता है। धार्मिक विश्वास है कि ऐसा करने से कठिन परिस्थितियों से निकलने की शक्ति प्राप्त होती है।

4. चूरमा

घी, गेहूं के आटे और गुड़ या चीनी से तैयार चूरमा भी हनुमान जी के प्रिय भोगों में शामिल है। इस प्रसाद को अर्पित करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

5. केला

केला एक सात्विक फल माना जाता है और इसे हनुमान जी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि इससे मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

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भोग अर्पित करते समय रखें इन बातों का ध्यान

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद में तुलसी दल शामिल करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आराधना करें। साथ ही ‘ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र का जाप या हनुमान चालीसा का पाठ करने से पूजा का फल और अधिक शुभ माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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