धर्म डेस्क। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है। शिव पुराण के अनुसार, इसी महीने माता पार्वती और भगवान शिव का मिलन हुआ था। माता पार्वती ने बहुत सालों तक कठिन तप किया, जिससे प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव धरती पर सपरिवार आते हैं और भक्तों की पूजा और भक्ति को स्वीकार करते हैं। इसलिए यह महीना भोलेनाथ को समर्पित माना जाता है।
सावन की शिवरात्रि का महत्व
सावन की शिवरात्रि पूरे महीने में सबसे खास दिन होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है। इस साल सावन शिवरात्रि 23 जुलाई 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी।

क्या अर्पित करें भगवान शिव को सावन में?
-दूध से करें शिवलिंग का अभिषेक
-इससे मन की सारी इच्छाएं पूरी होती हैं।
-साथ ही गरीबों को दूध का दान करने से पुण्य मिलता है।
शहद चढ़ाएं – आरोग्य और सुख के लिए
-बीमारियाँ दूर होती हैं।
-जीवन में सुख और शांति आती है।
गन्ने का रस – ऐश्वर्य की प्राप्ति
-इससे धन, वैभव और सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं।
-भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।

बेलपत्र – भोलेनाथ के प्रिय
-तीन पत्तियों वाला बेलपत्र शिवजी के तीन नेत्रों का प्रतीक होता है।
-इसे अर्पित करने से घर में समृद्धि और शांति बनी रहती है।
शमी का फूल और काले तिल
-शमी के फूल चढ़ाने से अच्छा जीवनसाथी मिलने की कामना पूरी होती है।
-काले तिल चढ़ाने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
-साथ ही शिवजी की विशेष कृपा भी मिलती है।