Last Updated: October 10, 2026

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नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए खरीद रहे हैं गिफ्ट, तो इन बातों का रखें ध्यान

October 9, 2026

नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए खरीद रहे हैं गिफ्ट, तो इन बातों का रखें ध्यान

Kanya Pujan : शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस दौरान छोटी बच्चियों को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। भोजन कराने के बाद कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देने की परंपरा भी निभाई जाती है। ऐसे में उपहार चुनते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ वस्तुओं को भेंट करने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि उपयोगी और शुभ चीजें देना अच्छा माना जाता है।

नवरात्रि में क्यों किया जाता है कन्या पूजन?

हिंदू धर्म में कन्याओं को देवी शक्ति का प्रतीक माना गया है। इसी आस्था के साथ नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है। इस परंपरा में छोटी बच्चियों को घर आमंत्रित कर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है। इसके बाद उन्हें दक्षिणा या कोई उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है।

श्रद्धा के अनुसार चुनें उपहार

कन्या पूजन में उपहार देते समय महंगी वस्तुएं खरीदना जरूरी नहीं है। अपनी सामर्थ्य और बच्चियों की उम्र को ध्यान में रखते हुए छोटी-छोटी उपयोगी चीजें भी दी जा सकती हैं। फल, मिठाई, किताबें, कॉपी-पेंसिल, रुमाल और कपड़े अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके अलावा परिवार की परंपरा के अनुसार लाल चुनरी, चूड़ियां या अन्य उपयुक्त वस्तुएं भी भेंट की जा सकती हैं। धार्मिक परंपरा में उपहार के मूल्य से अधिक महत्व उसे देने के पीछे की श्रद्धा, प्रेम और सम्मान को दिया जाता है।

कन्या पूजन में इन वस्तुओं को देने से बचें

1. नुकीली चीजें

छोटी बच्चियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाकू, कैंची या अन्य धारदार वस्तुएं उपहार में देने से बचना चाहिए। इनकी जगह स्टेशनरी, चित्रों वाली किताबें या उम्र के अनुकूल खिलौने दिए जा सकते हैं।

2. काले रंग की वस्तुएं

कुछ धार्मिक मान्यताओं में कन्या पूजन के दौरान काले रंग की चीजें भेंट करना उचित नहीं माना जाता। इसी वजह से कई परिवार इस अवसर पर काले रंग के उपहारों से परहेज करते हैं। ऐसे में वे लाल, पीले या गुलाबी रंग की वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, यह मान्यता परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

3. चमड़े से बनी वस्तुएं

कुछ परिवार धार्मिक आस्था के कारण कन्या पूजन में चमड़े से बने सामान भेंट नहीं करते। इसलिए उपहार खरीदते समय इस परंपरा का ध्यान रखा जा सकता है। इसके स्थान पर कपड़े से बनी उपयोगी चीजें, स्टेशनरी या अन्य साधारण उपहार चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है।

उपहार देते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

कन्याओं को उनकी उम्र के हिसाब से ऐसे उपहार दें, जो उनके काम आ सकें। खाने-पीने की चीजें देते समय उनकी सफाई और अच्छी गुणवत्ता का ध्यान रखें। खिलौने या कोई भी सामान देते समय इस बात का ध्यान रखें कि उससे बच्चियों को चोट न लगे।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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